गोरखपुर जिले में पीपीगंज इलाके के बढ़नी गांव में रविवार को जमीन की पैमाइश के दौरान मारपीट में लेखपाल को गलत ठहराते हुए पुलिस ने रिपोर्ट भेजी गई है। आरोप है कि बिना पुलिस को सूचना दिए ही लेखपाल पैमाइश करने पहुंच गया और फिर दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए। एक दूसरे पर लाठी-डंडे और चाकू से हमला कर दिए, जिसमें तीन लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर केस भी दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक, पीपीगंज के बढ़नी गांव निवासी श्रीपत गौड़ (66) का गांव में जमीन खरीदने वाले खोराबार के सूबा बाजार निवासी अरविंद गुप्ता से जमीन के एक हिस्से को लेकर विवाद है। दोनों ने तहसील में आवेदन दिया था। रविवार को छुट्टी के दिन ही लेखपाल पैमाइश करने के लिए पहुंच गए। उन्होंने गांव में विवाद होने की आशंका और पैमाइश की जानकारी पुलिस को भी नहीं दी।
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पैमाइश जैसे ही शुरू हुई श्रीपत और अरविंद के बीच कहासुनी होने लगी। इसी बीच दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए। मारपीट में अरविंद गुप्ता, श्रीपत के बेटे जयप्रकाश और नाती शुभम चाकू लगने से घायल हो गए। गांव में विवाद होने के बाद लेखपाल मौके से फरार हो गया। इसकी सूचना भी पुलिस को नहीं दी।
इसी बीच गांव के एक शख्स ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी थी। पुलिस ने लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट भेज दी है। दूसरे, श्रीपत की ओर से आई तहरीर पर केस दर्ज कर लिया। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि पैमाइश की सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी, जिस वजह से मारपीट हो गई और बड़ी घटना हो सकती थी। इस लिए प्रशासन को लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट भेजी गई है।