नौसड़ चौराहे से पहले स्थित भारत पेट्रोल पंप से जयपुर की एसी स्लीपर बसें और नौसड़ चौराहे से आगे स्थित पेट्रोल पंप से लखनऊ, कानपुर और दिल्ली के लिए बसें मिल रही हैं। जो रोडवेज की बसों की तुलना में कम समय और कम किराए में यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचा रही हैं। लेकिन, रोडवेज के पास तमाम तरह के संसाधन होने के बावजूद रोडवेज की बसें निजी बसों से मुकाबला नहीं कर पा रहीं।
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निजी बस से दिल्ली जा रहे यात्री अवधेश ने बताया कि वह निजी बस से ही सफर करते हैं। रोडवेज की बसें आरामदायक नहीं होती हैं और समय भी ज्यादा लगाती हैं। कानपुर जाने वाले सुनील ने बताया कि रोडवेज की बसों में किराया अधिक लगता है, निजी बस से कानपुर जाने में करीब 200 रुपये की बचत हो जाती है। वहीं, रोडवेज की बसों में बैठकर जाना पड़ता है, लेकिन निजी बसें स्लीपर हैं।
गोरखपुर डिपो एआरएम एके सिंह ने कहा कि गर्मी में एसी बसों में दिक्कत ज्यादा आती है। ज्यादातर शिकायतें बस के कम ठंडा होने की होती हैं। एसी बस में गैस डालने का काम एक से दो दिन में हो जाता है, कुछ एसी बसें पुर्जों के अभाव में खड़ीं हैं।