मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण
चेस्ट फिजिशियन डॉ नदीम अरशद ने बताया कि बीमारी से होने वाली मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण सांस सबंधी रोग हैं। धूम्रपान और प्रदूषण से इसके मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ रही है। बचपन में कम विकसित फेफड़े वाले मरीजों में सीओपीडी होने का खतरा सबसे अधिक होता है।
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बीआरडी में किया गया मरीज को जागरूक
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के टीबी चेस्ट विभाग में बुधवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में ओपीडी में पहुंचे मरीज व तीमारदारों को जागरूक किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी मिरा ने बताया कि इस कार्यक्रम में मरीज और तीमारदारों को सीओपीडी से बचाव की जानकारी देने वाले पम्पलेट बांटे गए। इसके अलावा डिस्प्ले बोर्ड और टीवी स्क्रीन लगाकर सीओपीडी के खतरे को बताया गया।