बड़हलगंज। गगहा इलाके के गोरखपुर-वाराणसी हाईवे पर बृहस्पतिवार रात हादसा कई परिवारों को जिंदगी भर के लिए गम दे गया। कुछ घंटे पहले तक जहां हंसी, गीत और रिश्तेदारों की चहल-पहल थी, वहीं सुबह होते-होते वही घर चीख-पुकार में तब्दील हो गई। बृहस्पतिवार रात बोलेरो से परिवार तुलादान से लौट रहा था। हादसे में तीन रिश्तेदारों की मौत हो गई।
कौड़ीराम क्षेत्र के हरिखोरा गांव में आयोजित तुलादान कार्यक्रम से लौट रहे परिवार के लोग बोलेरो में सवार थे। देर रात सभी लोग भोजन कर अपने-अपने घरों के लिए निकले थे। गगहा क्षेत्र के मझगावां के पास अचानक सड़क पर नीलगाय आ गई। उसे बचाने की कोशिश में बोलेरो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। हादसा इतना भयावह था कि चीखें सुन आसपास के लोग दौड़ पड़े। बोलेरो के परखचे उड़ चुके थे। अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इसमें बड़हलगंज थाना क्षेत्र के कोल्हुआ गांव निवासी विजय नारायण तिवारी (70), बीएससी की छात्रा उन्नति तिवारी (20) और गगहा के शिवम तिवारी (19) जिंदगी की जंग हार चुके थे। दो महिलाएं गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।
शुक्रवार को कोल्हुआ गांव की सुबह रोज जैसी नहीं थी। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा था। हर दरवाजे पर खड़े लोग बस हादसे की चर्चा कर रहे थे। सबसे ज्यादा भीड़ उन्नति तिवारी के घर के बाहर जुटी रही। घर के आंगन में बिछी चादरों पर बैठी महिलाएं रो रही थीं और परिजन बेसुध पड़े थे।
होनहार बेटी उन्नति की मौत से गांव में पसरा सन्नाटा, मां बार-बार हो रहीं थीं बेसुध
उन्नति परिवार की बड़ी बेटी थी। नेशनल पीजी कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा उन्नति पढ़ाई में तेज होने के साथ-साथ बेहद जिम्मेदार भी थी। पिता संजय तिवारी कहते थे कि बेटी उनके सपनों का सहारा बनेगी। अब वही पिता बेटी की तस्वीर देखकर फूट-फूटकर रो रहे हैं। कांपती आवाज में उनके मुंह से बस एक ही बात निकल रही थी अब घर में किसके लिए जीयेंगे। मां का दुख शब्दों में बयान नहीं हो पा रहा था। कभी वह बेटी का नाम लेकर चिल्ला उठतीं तो कभी अचानक बेहोश हो जातीं। छोटी बहनें एक कोने में चुपचाप बैठी थीं। उनकी आंखों में डर, खालीपन और अपनों को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था।
पूरे परिवार की उम्मीद थी उन्नति
गांव की महिलाओं का कहना था कि उन्नति सिर्फ अपने मां-बाप की नहीं, पूरे परिवार की उम्मीद थी। पढ़ाई के साथ घर के कामों में भी हाथ बंटाती थी। मोहल्ले की छोटी बच्चियों को पढ़ा देती थी। हर किसी से मुस्कराकर बात करती थी। शायद यही वजह रही कि उसकी मौत की खबर सुनते ही गांव का हर व्यक्ति स्तब्ध रह गया।
हादसे में घायल तीन लोगों की हालत नाजुक
हादसे में घायल नर्मदा देवी पत्नी प्रेम सागर निवासी कोल्हुआ टाड़ा, साधना पत्नी नित्यानंद तिवारी निवासी कोल्हुआ टाड़ा और अनिल त्रिपाठी की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं शशांक पांडेय निवासी हरिखोरा की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
दुबई से चचेरी बहन की शादी में आए पिता के सामने उजड़ गया परिवार
गगहा के कोठा गांव में जिस आंगन में दो दिन पहले शादी की शहनाइयां गूंज रही थीं। हंसी-ठिठोली का माहौल था, अब वहां चीख-पुकार और सिसकियों का माहौल है।
कोठा गांव निवासी अरविंद त्रिपाठी दुबई में नौकरी करते हैं। वह अपनी चचेरी बहन की पांच मई को हुई शादी में शामिल होने के लिए करीब 15 दिन पहले घर आए थे। अरविंद के तीन बच्चों में शिवम तिवारी (19) मंझला बेटा था। बड़ी बेटी सुप्रिया (21) और छोटा बेटा रुद्र प्रताप (15) अभी पढ़ाई कर रहे हैं। शिवम ने इसी वर्ष राधिका महाविद्यालय से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और अपने भविष्य को लेकर कई सपने संजोए हुए था। शुक्रवार को हुए भीषण सड़क हादसे में उसकी असामयिक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घर में मौजूद रिश्तेदारों और गांव वालों की आंखें नम हो गईं। शादी की खुशियां अभी फीकी भी नहीं पड़ी थीं कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शुक्रवार शाम शिवम के शव का अंतिम संस्कार गोरखपुर के राजघाट पर किया गया।
बीमार दादा को नहीं दी गई जानकारी
शिवम के दादा, 85 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक शिवजतन त्रिपाठी हृदय रोग से पीड़ित हैं। परिजनों को डर है कि पोते की मौत का सदमा वह सहन नहीं कर पाएंगे। इसी कारण उन्हें अभी तक इस घटना की जानकारी नहीं दी गई है। बुजुर्ग दादा अब भी इसी उम्मीद में हैं कि उनका पोता कहीं आसपास ही होगा।