गोरखपुर। सोमवार दोपहर बारिश ने शहर की बिजली व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोल दी। करीब 12:30 बजे बारिश शुरू होते ही एहतियातन बिजली आपूर्ति रोक दी गई लेकिन इसके बाद व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी। नतीजतन शहर के करीब 30 हजार उपभोक्ता सात से आठ घंटे तक बिजली संकट से जूझते रहे।
बारिश थमने के लगभग दो घंटे बाद जब आपूर्ति बहाल करने की कोशिश की गई तो तकनीकी खामियों ने स्थिति और बिगाड़ दी। मेडिकल कॉलेज (शहर) और शाहपुर उपकेंद्र की 33 केवीए इनकमिंग लाइन में आई खराबी के चलते दोनों उपकेंद्र ठप हो गए। इससे जुड़े करीब 28 हजार घरों में रात करीब 7:15 बजे तक अंधेरा पसरा रहा। शाहपुर, रुस्तमपुर, राप्तीनगर और मोहद्दीपुर समेत कई प्रमुख इलाके प्रभावित रहे।
राप्तीनगर के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि भटहट और मोहद्दीपुर बिजलीघर से आने वाली 33 केवीए लाइन में आई दिक्कत के कारण आपूर्ति बाधित हुई। वहीं, रुस्तमपुर उपकेंद्र के अंतर्गत आजाद नगर में बारिश के दौरान 11 केवीए लाइन का खंभा गिरने से करीब दो हजार उपभोक्ता प्रभावित हुए। विभागीय टीम ने मरम्मत कर देर शाम करीब 8 बजे आपूर्ति बहाल की।
टाउनहाल के अधिशासी अभियंता अंकित कुमार के अनुसार, कई स्थानों पर खंभे गिरने और पेड़ ढहने से आपूर्ति प्रभावित हुई। मोहद्दीपुर में पेड़ गिरने के कारण करीब तीन घंटे तक बिजली बाधित रही। इसके अलावा पादरी बाजार, बिछिया, लालडिग्गी और खोराबार समेत अन्य क्षेत्रों में छोटे-छोटे फॉल्ट और बार-बार ट्रिपिंग से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक बिजली गुल रहने से इन्वर्टर भी जवाब दे गए, जिससे पानी का संकट भी गहरा गया। रात होते-होते उमस और अंधेरे के बीच खासकर बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। बारिश के साथ हर बार बिगड़ती बिजली व्यवस्था ने एक बार फिर विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।