3 जुलाई 2023 को इसकी कंपनी की तरफ से पेट्रोल पंप की स्वीकृति मिली थी। एनएचएआई किनारे मेरी जमीन पर स्वीकृति मिलने के बाद मेरी तरफ से एनएचएआई विभाग से एनओसी के लिए दिसंबर में आवेदन किया गया था। गोरखपुर एनएचएआई में तैनात वृजेंद्र सिंह के पास मेरी फाइल गई थी और उनके द्वारा इसकी स्वीकृति की प्रक्रिया में विलंब किया जा रहा था।
इसके बाद वृजेंद्र सिंह से संपर्क करने पर उनकी तरफ से एनओसी दिए जाने पर डेढ़ लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। 1 जुलाई 2024 को धनंजय राय की तरफ से इसकी शिकायत सीबीआई के एसआईबी से की गई थी। संज्ञान लेकर सीबीआई की एसआईबी टीम ने बुधवार को मौके से ही मैनेजर की गिरफ्तारी की। रंगे हाथों रिश्वत की रकम लेते सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार किया।
बृहस्पतिवार को सीबीआई ने पीसी एक्ट 1988 के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जांच चल रही है।