गोरखपुर म्यूजियम में मौजूद दो ब्लेड वाला पंखा।
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शायद बहुत कम लोगों को पता है कि पहले सीलिंग फैन में दो ब्लेड ही होते थे। रेलवे में यही पंखे लगाए जाते थे। 1940 तक यह पंखा रेलवे दफ्तरों में लगाया गया था। बहुत जगहों पर यह बाद में भी उपयोग में लाया गया। इस पंखे की खासियत यह थी कि ब्लेड चार फीट लंबा और पंखे का वजन 20 किलो से ज्यादा था। पंखे की डिजाइन ऐसी थी कि हवा यह खूब देता था।
दोनों ब्लेड एक प्रोपेलर शाफ्ट से जुड़ी हुई थी। शाफ्ट एक इलेक्ट्रिक मोटर से कनेक्टेड थी। ब्लेड्स को मोटर पर ही लगा दिया गया था। अब यह पंखा कही भी नहीं लगा है। इसे गोरखपुर रेल म्यूजियम में रखा गया है। आज भी दो ब्लेड वाला पंखा म्यूजियम में चलता है।