जानकारी के मुताबिक, जिले में 13 जगहों पर पटाखे की दुकानें लगनी हैं, जिसके लिए 670 लाइसेंस जारी होने हैं। इस साल किसी नए को दुकान लगाने की अनुमति तो नहीं दी जा रही है, लेकिन इतने दुकान तो तय हैं । अब ये दुकानदार अपने साथ 50 किलो तक बारूद के पटाखे ला सकते हैं।
देवरिया, कुशीनगर के लोग भी गोरखपुर में दुकान लगाते हैं और वह वहीं से पटाखा लेकर आते हैं। यानी धरतेरस से पूरी तरह से दुकानें सज जाएंगी तो जिले में बारूद का ढेर हो जाएगा और उसे संभालने के लिए पुलिस व अग्निशमन विभाग ने अपनी तैयारी भी कर ली है। शहर में 10 से 12 नवंबर तक पटाखे की दुकानें लगाई जाएंगी। अभी तक 50 को एनओसी मिल चुकी है। प्रशासन और अग्निशमन विभाग की तरफ से नए को एनओसी नहीं मिलेगी।
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