नेपाल में भारी वर्षा और भूस्खलन के कारण 700 भारतीय वाहन तीन दिनों से फंसे हैं। खाने और पीने के पानी का संकट हो गया है। नेपाल जाने वाले चालकों ने सोनौली सीमा पर अपने ट्रक को खड़ा कर दिया है। वे नेपाल जाने को तैयार नहीं हैं।
भैरहवां-नारायन घाट हाईवे पर 20 किलोमीटर लंबा जाम लगा है। लंबी दूरी के यात्रियों और मालवाहक वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भूस्खलन का मलबा हटाने के बाद रास्ता खुला, लेकिन जाम में काठमांडू व चितवन जाने वाले करीब 700 भारतीय वाहन गेंडाकोट के पास फंस गए। पोखरा राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को चौथे दिन भी नहीं खुल सका। बुटवल में पहाड़ के पास लगातार भूस्खलन से लोग घर छोड़ दूसरी जगह जाने लगे हैं।
जिला यातायात पुलिस कार्यालय, पल्पा के अनुसार एक दर्जन स्थानों पर भूस्खलन को मलबे के हटाया नहीं जा सका है। बुटवल-पल्पा मार्ग खंड के डुमरे गौडेपुल में भूस्खलन हो रहा है। नारायणगढ़-बुटवल सड़क परियोजना के पूर्वी खंड के मुख्य अभियंता रमेश ने बताया कि बारिश के कारण अस्थाई डायवर्जन बनाना मुश्किल काम है। जिला पुलिस सूचना अधिकारी दिलीप गिरी ने बताया कि ठुमसी के पश्चिम में एक हजार से अधिक वाहनों को रोका गया है।