गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, गोंडा, बलिया, बलरामपुर तथा श्रावस्ती शामिल हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन गोरखपुर परिक्षेत्र आयुक्त शशांक जायसवाल ने कहा कि गोरखपुर परिक्षेत्र के 60 संस्थानों को कर्मचारियों के अंशदान जमा नहीं करने पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इन संस्थानों के रिकाॅर्ड तलब कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आउटसोर्स पर रखे गए करीब 600 शिक्षकों और कर्मचारियों के 10 करोड़ रुपये के अंशदान में हेराफेरी के मामले में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय ने अब सख्ती शुरू कर दी है। नोटिस देने के बाद अंशदान के निर्धारण की कार्रवाई शुरू कर दी है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में आउटसोर्स कर्मचारियों की 10 करोड़ रुपये से ज्यादा भविष्य निधि में हेराफेरी का मामला पिछले साल अक्तूबर में पकड़ा गया था। तत्कालीन कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने जब जांच कराई तो पता चला कि बीते 16 साल से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की पीएफ निधि का अंशदान नियमित जमा नहीं किया गया है। कागजों में यह रकम जमा होती रही थी।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के आयुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि कि 7-ए की कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत बकाया अंशदान का निर्धारण ईपीएफ द्वारा किया जाएगा। निर्धारित अंशदान जमा नहीं करने की स्थिति में विभाग रिकवरी की कार्रवाई करेगा। 7-ए की कार्रवाई के तहत जिम्मेदार की गिरफ्तारी तक की जा सकती है।