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यूपी पंचायत चुनाव: ग्राम पंचायत सदस्य के 4496 पदों के लिए 4700 नामांकन दाखिल

Mon, 07 Jun 2021 11:01 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

कई ग्राम पंचायतों में सदस्य पद के लिए फिर से हो सकता है चुनाव, माफिया सुधीर सिंह की पत्नी ने दो वार्डों से किया नामांकन।
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पंचायत उपचुनाव (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर जिले की खाली पड़ी पंचायतों के गठन का रास्ता प्रबल हो गया है। खाली पड़ी सीटों को भरने के लिए हो रहे उपचुनाव के तहत रविवार को  नामांकन पत्र दाखिल किए गए। ग्राम पंचायत सदस्य के 4496 पदों के लिए करीब 4700 नामांकन दाखिल हुए। सोमवार को नाम वापस लेने का दिन है।

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ऐसे में माना जा रहा है कि आपसी सहमति से अधिकतर वार्डों में निर्विरोध निर्वाचन हो जाएगा। पांच से 10 फीसदी वार्डों में चुनाव की नौबत आ सकती है। पद से अधिक नामांकन भले दाखिल हुए हों लेकिन अभी भी दो दर्जन से अधिक वार्डों में एक भी पर्चा दाखिल नहीं हुआ। ऐसे में कई ग्राम पंचायतों में फिर से उपचुनाव हो सकते हैं।

सरदारनगर ब्लॉक के ग्राम पंचायत बरईपार से 21 वर्षीय कंचन यादव ने एकमात्र पर्चा दाखिल किया। उनका निर्विरोध चुना जाना तय है। कंचन दिवंगत ग्राम प्रधान गीता देवी की बेटी हैं। यह सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। अन्य छह ग्राम पंचायतों के लिए करीब 25 नामांकन दाखिल किए गए हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए भी 30 नामांकन पत्र दाखिल हुए हैं। जिले में 433 असंगठित ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 427 में ग्राम पंचायत सदस्यों की दो तिहाई संख्या ही पूरी नहीं हो पाई।
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सात ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों का निधन हो गया। अब जहां प्रधान नहीं हैं, वहां प्रधान के चुने जाने के बाद तथा जहां सदस्यों की संख्या कम है, वहां संख्या पूरी करने के बाद गठन हो सकेगा। रविवार को नामांकन पत्र दाखिल किया गया और जांच भी की गई। जिन ग्राम पंचायतों में सदस्यों की कमी के कारण गठन नहीं हो पाया है, वहां के प्रधानों ने व्यक्तिगत रुचि लेकर अपने खर्चे पर करीबी लोगों से पर्चा दाखिल कराया है। जहां एक से अधिक पर्चे दाखिल हैं, वहां सोमवार को समझौता कर निर्विरोध निर्वाचन करा लेने का प्रयास किए जाने की उम्मीद है।

वर्तमान परिस्थिति में भी करीब 90 फीसदी सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन की संभावना नजर आ रही है। उपचुनाव का मौका मिलने के बाद भी ग्राम पंचायत सदस्यों के दो दर्जन से अधिक वार्ड खाली रह जाएंगे। इन वार्डों से किसी ने पर्चा नहीं भरा। हालांकि इन वार्डों के खाली रहने से ग्राम पंचायतों के गठन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। ग्राम पंचायत के छह पदों पर चुनाव होना तय है। हर पद पर चार से पांच प्रत्याशियों ने रविवार को नामांकन किया। सोमवार को नाम वापसी व प्रतीक चिह्न आवंटन के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी कि किस पद के लिए कितने उम्मीदवार मैदान में हैं। बीडीसी सदस्य पद के लिए भी चुनाव होंगे लेकिन सोमवार को कुछ पदों पर निर्विरोध निर्वाचन देखने को मिल सकता है।

 

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माफिया की पत्नी ने दो वार्डों से किया नामांकन

हाल ही में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए माफिया सुधीर सिंह की पत्नी अंजू सिंह ने पिपरौली ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत के दो वार्डों से पर्चा भरा है। चुनाव के दौरान भी सुधीर ने इसी ब्लॉक के वार्ड संख्या 52 से तथा उसकी पत्नी ने वार्ड संख्या 45 से पर्चा भरा था। जांच के दौरान दोनों का पर्चा खारिज हो गया था।

अन्य प्रत्याशियों ने भी यहां से पर्चा हटा लिया था। इसी वजह से ये दोनों वार्ड खाली रह गए। उपचुनाव में अंजू सिंह सहित वार्ड संख्या 45 से तीन जबकि वार्ड संख्या 52 से अंजू सहित आठ लोगों ने नामांकन किया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर कुलदीप मीणा एवं अन्य तहसीलों के एसडीएम ने विभिन्न ब्लॉकों पर जाकर नामांकन प्रक्रिया का मुआयना किया।

डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि जिले में ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान और बीडीसी के खाली पड़े सभी पदों के लिए सुचारू ढंग से नामांकन प्रक्रिया पूरी कराई गई। देर शाम तक ब्लॉकों पर नामांकन पत्रों की जांच की गई। कल नाम वापसी व प्रतीक चिह्न आवंटन के बाद स्थिति साफ हो जाएगी कि किस पद के लिए कितने उम्मीदवार मैदान में रहेंगे।
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