गोरखपुर से कर्फ्यू हटने और बाजार के गुलजार होने के लिए अब मंगलवार का इंतजार करना पड़ेगा। सभी को उम्मीद थी कि सोमवार से बाजार पूरी तरह से खुल जाएंगे। दरअसल रविवार की शाम तक गोरखपुर में सक्रिय केस 600 तक नहीं आ सके। रविवार की शाम को गोरखपुर में एक्टिव केसों की संख्या 722 पहुंच गई। ऐसे में सोमवार से बाजार के खुलने की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
उधर,शासन की तरफ से जारी गाइडलाइन के मुताबिक 600 से अधिक कोरोना एक्टिव केसों वाले जिले में लॉकडाउन बरकरार रहेगा।
गौरतलब है कि शनिवार की शाम को गोरखपुर में एक्टिव केसों की संख्या 798 पहुंच गई थी। हर रोज ऐसे केसों की संख्या से 150 से 300 तक की कमी दर्ज की जा रही थी। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही थी कि रविवार की शाम जब स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हेल्थ बुलेटिन जारी की जाएगी तो उसमें एक्टिव केसों की संख्या 600 के नीचे होगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
ऐसे में गोरखपुर के लिए लोगों को एक दिन और पाबंदी में गुजारना पड़ेगा। अनलॉक को लेकर प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया है। माना जा रहा है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद प्रशासन के सामने चुनौतियां और बढ़ जाएंगी।
अचानक बाजार, सड़कों और चौराहों पर भीड़ बढ़ जाने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाएगा। ऐसे में कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराने को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी पड़ेगी। हालांकि साप्ताहिक बंदी यानी शनिवार और रविवार को लॉकडाउन अभी जारी रहेगा।
प्रदेश के ज्यादातर जिलों से यह पाबंदी खत्म होने के बाद से जिले के व्यापारियों, पटरी व्यावसायियों, उद्यमियों समेत आम जनता को भी बेसब्री से कोरोना कर्फ्यू खत्म होने का इंतजार है।
हालांकि कोरोना कर्फ्यू खत्म होने के बाद भी मॉल, शॉपिंग कांप्लेक्स, सिनेमाहाल बंद रहेंगे। रेस्त्रां में भी बैठकर खाने की अनुमति नहीं रहेगी। सिर्फ पसंद का खाना या फास्ट फूड पैक कराकर घर ले जा सकेंगे। विवाह घरों में 25 लोगों की पाबंदी जारी रहेगी।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि जिले में भी तेजी से एक्टिव केसों की संख्या घट रही है। जल्द ही इसके 600 के नीचे पहुंच जाने की उम्मीद है जिसके बाद जिले से कोरोना कर्फ्यू खत्म कर दिया जाएगा। लोगों से अपील है कि इसके बाद भी वह जरूरी पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलें और मास्क का इस्तेमाल और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य तौर पर करें। वैक्सीनेशन अनिवार्य तौर पर कराएं और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन और सतर्कता ही कोरोन से बचाव का सबसे बड़ा मूलमंत्र है।