सामूहिक विवाह योजना के तहत दो हजार जोड़ों को गृहस्थ जीवन में प्रवेश कराने का लक्ष्य जिला प्रशासन के लिए भारी साबित हो रहा है। दिसंबर के पहले सप्ताह में आयोजित होने वाले इस वृहद सामूहिक विवाह योजना में अभी तक केवल 22 फीसदी जोड़ों ने ही आवेदन किया है। कार्यक्रम में एक ही पखवाड़ा बचा है। ऐसे में सभी विभाग और ब्लॉक में प्रशासनिक अधिकारी विवाह योग्य पात्र जोड़ों की तलाश कर पंजीकरण कराने की मुहिम में जुटे हैं।
सरकार दिसंबर के प्रथम सप्ताह में प्रदेश में 51 हजार सामूहिक विवाह की मेगा इवेंट कराने की तैयारी कर रही है। लक्ष्य हासिल करने के लिए जिला प्रशासन को भी दो हजार जोड़ों के पंजीकरण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत प्रत्येक ब्लॉक को दो सौ जोड़े, जबकि नगर निगम को 20 और सभी नगर पंचायतों को दस-दस जोड़ों का पंजीकरण कराने का लक्ष्य सौंपा गया है। रविवार तक सभी ब्लॉक, नगर निगम और नगर पंचायतों से सामूहिक विवाह के केवल 442 आवेदन ही मिल सके थे। इन आवेदनों का सत्यापन चल रहा है। यानी सामूहिक विवाह के लिए निर्धारित पात्रता पूर्ण नहीं करने वाले आवेदन निरस्त किए जाएंगे।
लक्ष्य के मात्र 22 फीसदी ही आवेदन प्राप्त होने से चिंतित अधिकारी सभी ब्लॉक पर पंजीकरण में तेजी लाने की कवायद में जुटे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने बताया कि सामूहिक विवाह योजना का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। सभी ब्लॉक, नगर पंचायत और नगर निगम में सामूहिक विवाह पंजीकरण के आवेदन ऑफलाइन स्वीकार किए जा रहे हैं। उन्होंने विवाह के इच्छुक युवक युवतियों से जल्द से जल्द पंजीकरण कराने की अपील की है।
आवेदन के लिए यह होंगे पात्र
योजना के पात्र उत्तर प्रदेश के मूल निवासी युवक-युवतियां होंगे जिनकी आयु क्रमश : 21 वर्ष और 18 वर्ष होगी। आवेदनकर्ता परिवार की आय दो लाख रुपये प्रति वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। एक ही परिवार की ज्यादा से ज्यादा दो कन्याओं की शादी एक सामूहिक विवाह में अनुमन्य है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को जाति प्रमाण पत्र भी देना होगा।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन में वर-वधू की नवीनतम फोटो, अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए जाति प्रमाणपत्र, आयु और निवास प्रमाणपत्र के रूप में आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, बिजली का बिल, मतदाता पहचान पत्र में से कोई एक लगाया जा सकता है।