इसकी सबसे बड़ी वजह है कि लोग ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते हैं। पता चलता है कि जाम लगते ही लोग आगे निकलने के होड़ में दूसरे लेन को भी जाम कर देते हैं। ट्रैफिक पुलिस सीमित होने की वजह से हर जगह पर समय से पहुंच भी नहीं पाती है। एसएसपी ने इन समस्याओं को सुनने के बाद सिविल पुलिस की भी जिम्मेदारी तय कर दी है।
इन चौराहों को किया गया चिह्नित
नगर क्षेत्र के 19 चौराहों व तिराहों में नौसड़, ट्रांसपोर्ट नगर, फलमंडी, पैड़लेगंज, मोहद्दीपुर, कूड़ाघाट, असुरन, गोलघर बाजार, सूरजकुंड, धर्मशाला बाजार, बेतियाहाता, घंटाघर, रेती चौक, नखास चौक, बक्सीपुर, आंबेडकर चौक, पादरी बाजर, संगम चौराहा व साहबगंज मंडी को चिह्नित किया गया है, जहां यातायात का दबाव ज्यादा रहता है।
- जाम लगते ही थाना पुलिस को मौके पर पहुंचना होगा
- ट्रैफिक पुलिस से लगातार समन्वय बनाकर रखना होगा
- जाम लगने पर मदद कर उसे खत्म कराना होगा
- रास्तों में वाहन खड़ा कर अतिक्रमण होने पर पुलिस को कार्रवाई करनी होगी
- जाम को यातायात पुलिस की जिम्मेदारी बताकर टालना नहीं होगा
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि गोरखपुर शहर में 19 चौराहों व तिराहों को चिह्नित किया गया है, जहां जाम ज्यादा लगता है। यहां पर यातायात व सिविल पुलिस के निरीक्षक व उप निरीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। ये आपस में समन्वय स्थापित कर ज्यादा व्यस्तता के समय में नोडल अधिकारी को स्वयं उपस्थित रहकर यातायात को सुचारू रूप से संचालित कराएंगे।