गोरखपुर में मंगलवार को 18978 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। विभाग की ओर से सरकारी अस्पतालों में 63 बूथ बनाए गए थे जबकि निजी अस्पतालों की ओर से सात बूथ बने थे। इन बूथों पर 14782 को पहली डोज और 4196 को दूसरी डोज लगाई गई।
पिछले दो दिनों से वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति हो रही है। इससे सोमवार को महाअभियान के तहत 50 हजार से अधिक लोगों को टीका लगाया गया है। मंगलवार को भी बूथों की संख्या 70 कर दी गई थी। इन बूथों पर सुबह से ही वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों की लंबी कतार लाइन दिखी।
महिला अस्पताल में सुबह छह बजे से ही लोग बूथों पर पहुंचे थे। यही हाल संक्रामक रोग विभाग में बने बूथ का था। यहां भी जबरदस्त भीड़ लगी रही। एमआरआई बूथ पर विदेश जाने वाले लोगों को कोविड का टीका लगाया गया। इन सभी बूथों पर पुलिस की टीम मुस्तैद रही। इसकी वजह से कोई विवाद नहीं होने पाया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एनके पांडेय ने बताया कि वैक्सीन की कोई कमी नहीं है।
चार हजार की जांच में नहीं मिले कोरोना संक्रमित
कोरोना मरीजों की संख्या अब नाम मात्र की रह गई है। मंगलवार को चार हजार नमूनों की जांच में कोई संक्रमित नहीं मिला। इससे स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। इसके पूर्व 13 अगस्त को भी संक्रमितों की संख्या शून्य थी। 28 जुलाई के बाद से ही कोई मौत भी नहीं हुई है। सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि जिले में अब तक 59383 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसमें से 58520 ने कोरोना को मात दे दी है। 848 की मौत हो चुकी है। एक्टिव केस नौ रह गए हैं।
पचमा गांव में मिला एक संक्रमित मरीज
कैंपियरगंज के बलुआ में मंगलवार को 120 लोगों की जांच की गई। इसमें बगल के गांव पचमा का एक व्यक्ति संक्रमित मिला है। यह मामला महराजगंज जनपद में जुड़ेगा क्योंकि वहां स्वास्थ्य सेवा महराजगंज की है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धानी के डॉ. नीरज सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति को एक सप्ताह से बुखार था। गांव में टीकाकरण भी चल रहा है। मंगलवार को 450 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है।