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बड़े सपनों ने अमर को बनाया शहर का 'सबसे छोटा' उद्यमी, 14 साल की उम्र में बनाई अपनी कंपनी

Sun, 04 Oct 2020 12:18 PM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।
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अमर प्रजापति ने एलईडी लाइट्स बनाने का प्रशिक्षण लेकर बनाई अपनी कंपनी। - फोटो : अमर उजाला
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अमर प्रजापति गोरखपुर शहर के 'सबसे छोटे' उद्यमी हैं। मात्र 14 साल के अमर ने एलईडी लाइट्स बनाने का प्रशिक्षण लेने के बाद खुद की कंपनी बना ली है। हालांकि जीवन प्रकाश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड नाम से संचालित इस कंपनी को चलाने में उनके भाई का भी काफी सहयोग रहता है। एक सहायक उत्पादों को तैयार करता है।

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अमर प्रजापति आरपीएम एकेडमी में कक्षा 8वीं का छात्र है। लॉकडाउन के दौरान उसके मन में पढ़ाई के अलावा कुछ नया सीखने का ख्याल आया। जब अनलॉक-1 शुरू हुआ तो अमर को गीडा में एलईडी लाइट्स बनाने के प्रशिक्षण की जानकारी मिली। इसके बाद उसने पिता की अनुमति ली और एलईडी बनाने का प्रशिक्षण शुरू कर दिया। अमर के सीखने की ललक प्रशिक्षक विवेक सिंह को काफी प्रभावित किया।

पांच दिन के प्रशिक्षण के बाद अमर ने एलईडी के पांच उत्पादों को बनाना पूरी तरह से सीख लिया। स्कूल बंद होने की वजह से पढ़ाई के बाद काफी समय बच जाने की वजह से अमर ने खाली समय में घर पर एलईडी लाइट बनाना शुरू कर दिया। अब वह गीडा स्थित उद्यमिता विकास संस्थान से एलईडी लाइट का रॉ मेटेरियल मंगाता है और घर में ही एलईडी लाइट तैयार करना शुरू कर दिया है।

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हरेक दिन होता है 100 से 125 बल्ब तैयार

पांच दिन के प्रशिक्षण के बाद अमर ने एलईडी लाइट के पांच तरह के उत्पाद बनाना पूरी तरह से सीख लिया। इसके बाद उसने जिस संस्थान से एलईडी लाइट्स बनाने का प्रशिक्षण हासिल किया, वहीं से रॉ मेटेरियल मंगाना शुरू कर दिया। रिश्ते में अपने एक भाई और एक वर्कर की सहायता से अमर ने हरेक दिन 100 से 125 एलईडी लाइट्स बनाना शुरू कर दिया है। अमर ने कहा कि अभी ऑनलाइन क्लास हो रहा है। ऐसे में एक बजे के बाद काफी समय मिल जाता है।

बन गई है कंपनी, सेटअप हो रहा है तैयार
अमर ने बताया कि उसने अपने पिता के गुरू के नाम पर अपनी कंपनी जीवन प्रकाश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड बनाई है। वैसे फैक्टरी तो छोटी होगी, लेकिन सेटअप तैयार हो जाएगा। हरेक दिन कम से कम 500 के आसपास लाइट्स तैयार की जाएगी। इनकी बिक्री के लिए कर्मचारी रखेंगे।
 
प्रशिक्षक एवं उद्यमी विवेक सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद कई लोगों ने अपनी कंपनी बनाई है। अमर उनमें से एक है। उसने अपनी फैक्ट्री के नाम से उत्पाद बनाना शुरू किया है। कोरोना काल के दौरान उनके संस्थान से तीन सौ से ज्यादा लोगों ने प्रशिक्षण लिया है।
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