गोरखपुर जिले के 125 हिस्ट्रीशीटर हैं जेल में
कई ऐसे हिस्ट्रीशीटर हैं, जिनपर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। वर्तमान में गोरखपुर के 125 हिस्ट्रीशीटर जेल में बंद हैं। गोरखपुर में माफिया डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला का साथी सत्यव्रत राय हो या फिर रंगदारी वसूलने वाला हत्याभियुक्त प्रदीप सिंह, सब जेल की सलाखों के पीछे हैं। वहीं, जमानत पर रिहा होकर बाहर घूम रहे 1244 हिस्ट्रीशीटरों की सतत निगरानी व आपराधिक संलिप्तता का सत्यापन करके दोबारा जेल भेजने की हिदायत एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने मातहतों को दी है। बुजुर्ग या निष्क्रिय हो चुके 135 हिस्ट्रीशीटरों के घर भी पुलिस दस्तक देती है।
गोरखपुर जिले के ये गैंगस्टर हैं जेल में
जिले के जो कुख्यात हिस्ट्रीशीटर जेल में हैं, उनमें सत्यव्रत राय, प्रदीप सिंह, परवेज अंसारी, प्रदीप यादव, राकेश यादव, लालजी केवट, मनीष साहनी, बहादुर चौहान, दीनानाथ केवट, प्रिंस उर्फ प्रतीक, सलीम, मिथुन पासवान, सुजीत पासवान, सन्नी सिंह, सिंहासन यादव, अविनाश तिवारी, सिंटू राव, अंशुमान चंद, सुभाष शर्मा के नाम शामिल हैं।
केस- एक
24 अप्रैल को मुठभेड़ में पकड़े गए मनोज और अजीत उर्फ सोनू बाबा पर रामगढ़ताल पुलिस ने गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की है। ये दोनों पेशेवर बदमाश हैं।
केस- दो
22 फरवरी को पुलिस की रिपोर्ट पर पेशेवर बदमाश श्रीचंद, शिवा, वीरेंद्र, परवेज अंसारी और मनोज के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की है। पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम के आदेश पर बदमाश पर कार्रवाई हुई। सभी जेल में बंद हैं। गैंगस्टर की वजह से जमानत नहीं मिल पाई।
केस- तीन
एक मई को कैंट पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले गिरोह के खुलीलुर्रहमान और शेख मुबारक उर्फ मुन्ना पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की है। बिहार और असम के रहने वाले दोनों आरोपित गोरखपुर और आसपास के जिलों में आकर वाहन चोरी करते थे। पुलिस ने आरोपितों को जेल भेजा था।
गोरखपुर एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि बदमाशों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। कुछ महीनों में 12 नए गैंग पंजीकृत किए गए हैं। बदमाशों को जेल भेजने के साथ ही गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जा रही है। बदमाश जल्दी जेल से बाहर आकर अपराध न करें, इसलिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।