वसुंधरा में चंदा जुटाकर सोसाइटी करवाती है सफाई
वसुंधरा एनक्लेव सोसाइटी के आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि कॉलोनी में साफ सफाई के लिए चार सफाईकर्मियों को रखा गया है। उनको दस-दस हजार रुपये मासिक दिया जाता है। सोसाइटी कॉलोनी में रह रहे लोगों से रकम जुटा कर उनका मानदेय का भुगतान करती है। जीडीए द्वारा सफाई को लेकर ध्यान नहीं देने के बाद मजबूरी में इस कदम को उठाना पड़ा। कुछ दिन पहले नगर निगम ने गृहकर के लिए सभी मकानों पर मार्किंग की है। अब जीडीए सफाई के नाम पर कर लेने की तैयारी कर रहा है। जबतक कॉलोनी में व्यवस्था सुदृढ़ नहीं होगी तब तक कोई कर नहीं दिया जाएगा।
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टूटी सड़क व नाली देख नगर निगम ने नहीं लिया हैंडओवर
लोहिया इन्क्लेव में रहने वाले अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जीडीए के अनुरोध पर कुछ दिन पहले नगर निगम की टीम हैंडओवर लेने के लिए कॉलोनी में सर्वे करने पहुंची थी, लेकिन टूटी सड़क व नाली देख वह पीछे हट गई। उन्होंने काम पूरा कराने के बाद कॉलोनी को हैंडओवर लेने की बात कही। हालांकि जीडीए ने नाली, सड़क व बाउंड्रीवाल को बनाने के लिए ढाई करोड़ रुपये पास कर दिए हैं। मोहल्ले में सफाई जीडीए एक फ्रेंचाइजी के माध्यम से करवाती है।
हस्तांतरण के बाद मिलेंगी सुविधाएं
इन कालोनियों के नगर निगम में हस्तांतरण होने के बाद निगम द्वारा यहां सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी और कालोनीवासियों से टैक्स भी लिया जाएगा। साफ-सफाई, जलापूर्ति आदि का जिम्मा निगम के पास होगा। कालोनियों के हस्तांतरित न होने से यहां के लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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इन काॅलोनियों के हस्तांतरण का है प्रस्ताव
वसुंधरा एनक्लेव प्रथम, द्वितीय व तृतीय आवासीय योजना, लोहिया एन्क्लेव आवासीय योजना, वैशाली आवासीय योजना, यशोधरा कुंज आवासीय योजना, अमरावती निकुंज आवासीय योजना, कारपोरेट योजना, बुद्ध विहार आवासीय योजना पार्ट ए, बी एवं सी, आम्रपाली आवासीय योजना, सिद्धार्थपुरम विस्तार आवासीय योजना, गौतम विहार विस्तार आवासीय योजना।
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जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने कहा कि जीडीए द्वारा नगर निगम से 12 कॉलोनियों का हस्तांतरण लेने की अपील की गई है। जब तक ये कॉलोनियां हस्तांतरित नहीं होतीं, सफाई आदि मद में आवासीय व व्यावसायिक भवन के लिए अलग-अलग कर लिए जाएंगे।