देवरिया जिले में नूनखार गांव में रुपये के लेनदेन में सोमवार की देर रात मारपीट हो गई। दोनों पक्ष से 11 लोग घायल हो गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पीआरबी टीम को देख सभी भाग निकले। मंगलवार सुबह फिर थाने के पास दोनों पक्ष आपस में गए। लोगों के हस्तक्षेप और पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया।
नूनखार गांव निवासी लखीचंद बांसफोड़ ने बीरपुर निवासी कमलेश बांसफोड़ को 2018 में पचास हजार रुपये उधार दिए थे। आरोप है कि रुपये मांगने पर कमलेश विवाद करने लगता है। सोमवार की सुबह कमलेश के घर के दो लड़के दीपक और सोनू स्थानीय चौराहे पर दिखाई दिए। लखीचंद दोनों को घर लेता गया।
जानकारी होने पर बीरपुर से सोमवार की देर रात कमलेश पक्ष से महिला और पुरुष टेंपो से नूनखार पहुंचे और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान लखीचंद, सुरेश, गुड्डी, प्रेमशीला, सज्जन घायल हो गए।
कमलेश का कहना है कि लड़कों को पकड़ कर ले जाने की सूचना मिलने पर वह लोग रुपये लेकर छुड़ाने गए थे। इसी दौरान उन लोगों पर हमला बोल दिया गया। उसके अलावा पत्नी लक्ष्मीना देवी, धर्मेंद्र, दीपक, सोनू और रंभा घायल हो गईं। रुपये भी नहीं मिले। मंगलवार सुबह जब दोनों पक्ष तहरीर देने पहुंचे तो थाने के बाहर फिर से भिड़ गए और मारपीट करने लगे।
स्थानीय लोगों के बीच-बचाव करने और पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने सज्जन सहित दो लोगों को हिरासत में ले लिया। एसओ मुकेश कुमार मिश्र ने बताया कि रुपये के लेनदेन में विवाद हुआ है। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।