देवरिया जनपद के लार थाना क्षेत्र के एक गांव की दस वर्षीय बालिका की शादी उसके ही उम्र के दूल्हे से बिहार के एक मंदिर में परिजन शादी करा रहे थे। बाल विवाह की शिकायत पर एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने टीम गठित शादी रोकने का निर्देश दिया।
महिला कल्याण, बाल संरक्षण व एचटीयू टीम ने करीब दस घंटे की रेस्क्यू के बाद बिहार के मैरवां स्थित चंदनियां माता मंदिर से बालिका व बालक को बरामद कर लिया। बाल विवाह में शामिल एक दर्जन के करीब घराती व बरातियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने चली आई, जहां सभी से पूछताछ करने में जुटी हुई थी।
सुबह करीब 11 बजे किसी ने एसपी को फोन कर सूचना दिया कि लार थाना क्षेत्र के एक गांव की दस वर्षीय बालिका और बिहार के गुठनी थाना क्षेत्र के एक गांव के दस साल के बालक से शादी मैरवां के एक मंदिर में कराई जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने महिला कल्याण, बाल संरक्षण, एचटीयू टीम, लार थाने को सूचना देकर बाल विवाह रुकवाने का निर्देश दिया।
सूचना पर हरकत में आई, सभी टीमें लोकेशन के आधार पर मैरवां के चंदनियां माता मंदिर पहुंची। यहां फोन कर लड़की के परिजनों से टीम ने शादी कहां रचाई जा रही है इसकी जानकारी लेकर हदहदवा भवानी मंदिर में शादी होने की बात कही। टीम बताए हुए लोकेशन पर पहुंची।
यहां पहुंचने के बाद टीम ने मंदिर परिसर की तलाशी ली। जहां कोई नहीं मिला। इसके बाद परिजनों का मोबाइल भी बंद मिला। इसको लेकर टीम दस घंटे तक हलकान रही। दोबारा पहुंची टीम ने चंदनियां माता मंदिर से बालिका और बालक को शादी के मंडप से उठा लिया। यह देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
एसपी के निर्देश पर बालिका और बालक सहित बरात में शामिल एक दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। यहां सभी से पूछताछ की जा रही है। वहीं बालिका और नाबालिग बालक मनोवैज्ञानिक मीनू जायसवाल के द्वारा काउंसिलिंग कराई जा रही है। टीम ने बालिका को सोमवार को बाल कल्याण विभाग के समक्ष प्रस्तुत करेगा।