दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरु गोरखनाथ स्पोर्ट्स फेलोशिप ‘सुपर-100’ को लेकर चल रहे जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जिन 22 खिलाड़ियों के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए, उनमें से 10 खिलाड़ियों ने एक भी प्रतियोगिता में प्रतिभाग तक नहीं किया। कई खिलाड़ियों की क्षमता और उपयोगिता पर भी सवाल उठे हैं। जांच कमेटी एक-एक बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही है।
‘सुपर 100’ के कुल 22 खिलाड़ियों में से खो-खो टीम के कुल 9 खिलाड़ियों और एथलेटिक्स के तीन खिलाड़ियों ने ही अंतर विश्वविद्यालयी प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया था। ईस्ट जोन अंतर विश्वविद्यालय खो-खो प्रतियोगिता में गोविवि की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त किया था।
खो-खो टीम ने इस प्रदर्शन की बदौलत अखिल भारतीय अंतर विवि प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई तो कर लिया लेकिन वहां प्रदर्शन निराशाजनक रहा। एथलेटिक्स के खिलाड़ी भी अपनी छाप नहीं छोड़ सके। शेष खेल के खिलाड़ी किसी प्रतियोगिता तक में शामिल नहीं हुए फिर भी उनको सारी सुविधाएं मिलती रही।
ये खिलाड़ी गए ही नहीं
फुटबाल, ताइक्वांडो, कुश्ती और शूटिंग के खिलाड़ियों ने जोन या अखिल भारतीय अंतर विवि प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग ही नहीं किया। ये किन परिस्थितियों में प्रतिभाग नहीं कर पाए थे, यह भी जांच का विषय है।