कोविड में भ्रम फैलाने का आरोप
2020 में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान यूट्यूबर ने सरकार की नीतियों और डेटा प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कई वीडियो पोस्ट किए थे। उन पर आरोप लगा कि वह आधे-अधूरे तथ्यों के आधार पर सरकार को बदनाम कर रहे हैं और जनता में डर फैला रहे हैं।
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इसके अलावा साल 2020 में अयोध्या में राम मंदिर मुद्दे पर भी ध्रुव राठी ने एक वीडियो में ऐतिहासिक और कानूनी पहलुओं को लेकर विश्लेषण किया था। इस वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा और दृष्टिकोण को लेकर हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि राठी धार्मिक भावनाएं आहत कर रहे हैं।
पाकिस्तान पर डॉक्यूमेंट्री का विवादित वीडियो
ध्रुव राठी ने साल 2021 में भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा करते हुए पड़ोसी मुल्क के कुछ मुद्दों की तुलना भारत से की थी। इससे उन्हें सोशल मीडिया पर 'भारत विरोधी मानसिकता' फैलाने के आरोपों का सामना करना पड़ा था।
क्या हैं पूरा मामला?
दरअसल जर्मनी में रहने वाले यूट्यूबर ध्रुव राठी ने अब ‘द सिख वॉरियर हू टेरिफाईड द मुगल’ नाम से एक वीडियो बनाया जिसमें उन्होंने सिखों को लेकर एआई के बनाए हुए कुछ विजुअल भी शामिल किए हैं। बस इसी वीडियो को लेकर अब सिख समुदाय के लोग आपत्ति जता रहे हैं और इसे सिख धर्मगुरु का अपमान बता रहे हैं।
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शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने वीडियो की निंदा की है और इसपर एक्शन की मांग की है। वहीं दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भीएक्स पर पोस्ट करते हुए इसे सिख धर्म का अपमान बताया है।