डिस्कवरी इंक के साउथ एशिया ओरीजनल कंटेट हेड साई अभिषेक कहते हैं, “तहकीकात से संबंधित अपराध शो की शैली के लिए दर्शकों की बढ़ती रुचि के मद्देनजर हम इन सच्ची अपराध कहानियों को एक मनोरंजक रूप देकर पेश कर रहे हैं। ‘मनी माफिया’ उन लोकप्रिय कहानियों पर फिर से विचार करता है, जिन्होंने देश की कल्पना पर कब्जा कर लिया है, जिससे वास्तविक मुख्य दर्शकों के साथ-साथ सामान्य रुचि वाले दर्शकों की रुचि बढ़ी है।”
सीरीज का पहला एपिसोड एक नकली आईआरएस कॉल सेंटर के माध्यम से किए गए 30 करोड़ डॉलर की धोखाधड़ी के मामले को उजागर करेगा जहां सैकड़ों ऑपरेटरों ने खुद को यूएस आईआरएस (आंतरिक राजस्व सेवा) के प्रतिनिधियों के रूप में पेश किया और पैसे निकालने की योजना का हिस्सा बने। कोविड -19 महामारी के दौरान भी इस तरह के तमाम धोखाधड़ी के मामले अखबारों की सुर्खियां बनते रहे हैं।
सीरीज के दूसरे एपिसोड में केरल में स्थित एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी द्वारा 2000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का बारीकी से पता लगाया जाएगा, जिसके कारण महामारी के दौरान एक कथित योजना के लिए अपनी जीवन भर की बचत खोने वाले हजारों की संख्या में जमाकर्ताओं के साथ धोखाधड़ी हुई।
तीसरा एपिसोड भारत में सबसे लोकप्रिय स्टॉक मार्केट ब्रोकरों में से एक केतन पारेख पर है जिन्हें अक्सर शेयर बाजार के पाइड पाइपर के रूप में जाना जाता था। और सीरीज का चौथा एपिसोड नए डिजिटल निवेश क्रिप्टोकरेंसी और इसके आसपास की धोखाधड़ी की ओर ध्यान आकर्षित करेगा। क्रिप्टोकरेंसी ने कैसे लोगों को कंगाल बनाया है, इसकी एक झलक इस एपीसोड में दर्शकों को देखने को मिलेगी।