इस शो की कहानी राजस्थान के ग्रामीण इलाके की पृष्ठभूमि पर फिल्माई गई है, जिसमें एक बच्ची के बचपन से लेकर उसके औरत बनने तक की यात्रा को एक दुल्हन के रूप में दर्शाया गया है। आठ साल तक चले इस धारावाहिक को दो अलग-अलग सीजनों में पूरा किया गया था। इसके पहले सीजन की कहानी आनंदी और जगदीश को केंद्र में रखकर बनाई गई थी, जिनकी शादी बचपन में ही हो जाती है। वहीं दूसरे सीजन में आनंदी की बेटी डॉ नंदिनी के जीवन को दर्शाया गया है। उसकी भी शादी बचपन में हो जाती है।
कोरोना वायरस को देश में फैलने से रोकने के लिए भारत सरकार ने 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी। महाराष्ट्र सरकार ने अब इस लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक आगे बढ़ा दिया है। इस बंदी की वजह से देश में सभी फिल्मों और टीवी के धारावाहिकों की शूटिंग बंद हो गई थी। टीवी चैनलों के पास अपने दर्शकों को नया दिखाने के लिए कुछ था नहीं, इसलिए लगातार पुराने धारावाहिकों की वापसी हो रही है। यही कारण है कि 'बालिका वधू' भी अब सोमवार से शुक्रवार शाम छह बजे टीवी पर प्रसारित किया जाएगा। आनंदी के बचपन का किरदार अभिनेत्री अविका गौर और युवावस्था का किरदार दिवंगत अभिनेत्री प्रत्युषा बनर्जी ने निभाया है।