छोटे परदे पर आए-दिन कोई ना कोई नया ट्रेंड दिखाई पड़ता है। इन ट्रेंड्स के बीच एक और दमदार ट्रेंड फल-फूल रहा है और वो है फिक्शन शो में सशक्त होती लड़कियों की भूमिका।
अभी तक छोटे परदे पर खलनायिकाओं का या फिर बेचारी और लाचार नायिका का ही बोलबाला होता था लेकिन अब छोटे परदे के फिक्शन शो में नायिकाएं खलनायिका नहीं बल्कि सकारात्मक और प्रभावशाली भूमिका निभाती नजर आ रही हैं।
दिलचस्प बात ये है कि इन नायिकाओं के प्रभावशाली रूप को पसंद भी किया जा रहा है और इनके सामने खलनायिकाओं का पद काफी छोटा दिखाई पड़ रहा है। टेलीविजन पर ऐसी कई नई एक्ट्रेस हैं।
दीपिका सिंह
स्टार प्लस के सबसे लोकप्रिय धारावाहिक ‘दीया और बाती हम’ मुख्य किरदार निभा रही दीपिका सिंह इस शो में बेहद दमदार किरदार निभाती नजर आ रही है। यूं तो इस शो को गांव और शहर से जोड़ा गया है लेकिन भारतीय संस्कृति और परंपराओं के साथ ही आधुनिक समाज के बीच की कड़ी को दीपिका बहुत सकारात्मक रूप में निभा रही है।
रूपल त्यागी
जीटीवी पर प्रसारित धारावाहिक 'सपने सुहाने लड़कपन के' में गुंजन का किरदार निभा रही रूपल त्यागी नए जमाने की लड़कियों का प्रतिनिधित्व करती दिखाई पड़ती है।
जहां गुंजन बेहद मॉडर्न है वहीं वो परिवार का साथ देने, अपने फैसले खुद लेने और सपने देखने में विश्वास रखती है। गुंजन मुसीबतों से डटकर लड़ने और अन्याय के ख्रिलाफ बोलने वाली लड़की है।
सुरभि ज्योति
जीटीवी पर ही प्रसारित धारावाहिक 'कुबूल है' में जोया का किरदार निभा रही सुरभि ने बराबरी का हक कैसे पाएं, इसे साबित कर दिखाया है।
मुस्लिम लड़की जोया का किरदार निभा रही सुरभि मॉडर्न और पढ़ी-लिखी लड़की है। जोया प्यार करना जानती है तो अपने अधिकारों के लिए भी लड़ना जानती हैं।
इशिता दत्ता
बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता की बहन इशिता दत्ता स्टार प्लस पर प्रसारित धारावाहिक 'एक घर बनाउंगा' में पूनम का किरदार निभा रही है।
पूनम अपने या परिवार के खिलाफ कुछ बुरा सुनना नहीं चाहती। पूनम छोटे शहर की ऐसी लड़की है जो अपनी शादी सिर्फ इसीलिए तोड़ देती है क्योंकि उसे दहेज लेना-देना और परिवार वालों का अपमान स्वीकार नहीं।
पूनम बेशक छोटे शहर की लड़की है लेकिन अन्याय के खिलाफ लड़ना, गलत बातों का विरोध करना पूनम अच्छी तरह जानती हैं।
दृष्टि धामी
कलर्स पर प्रसारित धारावाहिक 'मधुबाला एक इश्क एक जुनून' यूं तो पूरी तरह लव स्टोरी बेस्ड धारावाहिक है। लेकिन इस शो में मधुबाला का किरदार बेहद सशक्त है।
मधुबाला ना सिर्फ अपनी रक्षा करना जानती है बल्कि दूसरों को सुधारना और अपनी बातों से लोगों को आश्वस्त करना मधुबाला को खूब आता है।
मधुबाला अपने व्यवहार से अपने घरवालों को भी खुश रखना जानती हैं और आवाज उठाना जानती हैं।
कहने का अर्थ है कि छोटे परदे पर अब सिर्फ बेचारी बहू या फिर खडूस सास के किरदार ही पॉपुलर नहीं हो रहे बल्कि लड़कियों के किरदारों को बेहद सशक्त तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। खास बात ये कि दर्शक इसे पसंद भी कर रहे हैं, तभी तो ये शो टैम रेटिंग में टॉप पर अपनी जगह बना पा रहे हैं।