धारावाहिक ‘घर एक मंदिर-कृपा अग्रसेन महाराज की’ में गेंदा अग्रवाल का किरदार निभा रहीं श्रेणू पारीख कहती हैं, ‘‘गेंदा एक साधारण परिवार की आम लड़की है, जिसकी शादी कुंदन अग्रवाल के सबसे छोटे बेटे वरुण अग्रवाल से होती है। वरुण की मानसिक हालत अच्छी नहीं है। उनकी गहनों की एक पुश्तैनी दुकान है अग्रवाल एंड सन्स। गेंदा काफी गहराई से अपने संस्कारों से जुड़ी है और अपने परिवार को बचाने के लिये किसी भी हद तक जा सकती है। वह अग्रसेन महाराज के चार मुख्य सिद्धांतों को सुनते और उनका पालन करते हुए बड़ी हुई है। उनके विचारों की मदद से ही वो जीवन से जुड़ी मुश्किलों से बाहर निकल पाती है। उनके साथ गेंदा का बड़ा ही अनोखा और खूबसूरत सा रिश्ता है। वह उसके मार्गदर्शक, विचारक और सखा हैं।“
वहीं, वरुण अग्रवाल का किरदार निभा रहे अक्षय म्हात्रे कहते हैं, ‘‘वरुण, गेंदा का पति है और अग्रवाल परिवार का सबसे छोटा और सबसे लाडला बेटा है। वह अग्रवाल परिवार की ‘आंखों का तारा‘ है। वरुण काफी मिलनसार है, जो किसी भी तरह का तनाव नहीं लेता। वो कोई भी काम करने से ज्यादा खुद का ख्याल रखने में या फिर वीडियो गेम्स खेलने में अपना वक्त बिताता है। उसे अच्छा लगता है कि कोई उसे लाड़-प्यार करे और वह चाहता है कि उसकी पत्नी उसका पूरा ध्यान रखे। वरुण को अपने पिता के फैमिली बिजनेस पर बहुत गर्व है और उसे लगता है, बाहर काम किये बिना भी ऐशो-आराम की जिंदगी जी जा सकती है।“
धारावाहिक ‘घर एक मंदिर-कृपा अग्रसेन महाराज की’ में अग्रसेन महाराज का किरदार निभा रहे समीर धर्माधिकारी कहते हैं, “अग्रसेन महाराज जैसा अहम किरदार निभाना मेरे लिये गर्व की बात है। उन्होंने अग्रवाल समाज की नींव रखी थी। गेंदा, अग्रसेन महाराज की परम भक्त है और अपनी आस्था के बल पर जीवन में बहुत सारी चुनौतियों को पार कर लेती है। लोगों को अग्रसेन महाराज के बारे में जानकारी तो है, लेकिन परदे पर उनकी कहानी को बहुत कम दिखाया गया है, खासकर हिंदी जनरल एंटरटेनमेन्ट चैनलों पर। कई मायनों में यह शो अपने आप में अनूठा है। इसकी कहानी अलग और नई है।” धारावाहिक ‘घर एक मंदिर-कृपा अग्रसेन महाराज की’ का प्रसारण अगले सोमवार से शुरू होने वाला है।