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‘बालिका वधू’ की ब्रांड अंबेसडर का गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा, ‘बाल विवाह केंद्र न बनने पाए राज्य’

Mon, 04 Oct 2021 06:56 PM IST
तान्या अरोड़ा अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सार

चर्चित धारावाहिक ‘बालिका वधू’ के पहले और दूसरे सीजन की ब्रांड अंबेसडर रहीं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. कृति भारती ने राजस्थान हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर राज्य में बाल विवाह के रजिस्ट्रेशन को लेकर पारित नए विधेयक पर आपत्ति जताते हुए इस संशोधन को रद्द करने की गुहार लगाई है।
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डॉ कृति भारती - फोटो : अमर उजाला मुंबई
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विस्तार
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चर्चित धारावाहिक ‘बालिका वधू’ के पहले और दूसरे सीजन की ब्रांड अंबेसडर रहीं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. कृति भारती ने राजस्थान हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर राज्य में बाल विवाह के रजिस्ट्रेशन को लेकर पारित नए विधेयक पर आपत्ति जताते हुए इस संशोधन को रद्द करने की गुहार लगाई है। डॉ. भारती का कहना है कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर ये विधेयक पारित किया है। इनका कहना है कि इस विधेयक के बाद बाल विवाह रजिस्ट्रेशन को वैधानिक मान्यता मिल रही है और इससे राजस्थान चाइल्ड मैरिज हब बन जाएगा।

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राजस्थान विधानसभा में सरकार ने 17 सितम्बर को राजस्थान विवाह अनिवार्य पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2021 पारित किया है। इस संशोधन विधेयक में सरकार ने 18 साल से कम उम्र की लडकी और 21 साल से कम उम्र के लडके के बाल विवाह के बावजूद रजिस्ट्रेशन किए जाने का प्रावधान किया है। संज्ञेय अपराध बाल विवाह रजिस्ट्रेशन के इस प्रावधान को बाल विवाह निरस्त एवं रोकथाम के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी एवं पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डॉ.कृति भारती ने राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच में चुनौती दी है। जनहित याचिका में राजस्थान सरकार, संबंधित विभागों और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को पक्षकार बनाते हुए जल्दी सुनवाई की मांग की गई है।

अब तक 43 बाल विवाह निरस्त करा चुकीं और 1500 से अधिक बाल विवाह रूकवाने वाली डॉ. कृति भारती का कहना है कि इस संशोधन के जरिए सरकार ने बाल विवाह की कुप्रथा को पंजीकृत मान्यता देने की कवायद की है, जबकि बाल विवाह संज्ञेय अपराध है। वह कहती  हैं कि बाल विवाह रजिस्ट्रेशन कर पंजीकृत मान्यता देने के दूरगामी परिणाम काफी घातक होंगे। बाल विवाह का सरकारी सर्टिफिकेट लेने के लिए लोग एक माह के लिए राजस्थान में आकर बाल विवाह करवाएंगे। जिससे विश्व में सर्वाधिक बाल विवाह के लिए सालों से बदनाम राजस्थान फिर से चाइल्ड मैरिज हब में तब्दील हो जाएगा। इसके अलावा भी जनहित याचिका में कई तथ्य पेश किए गए हैं।

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डॉ कृति भारती - फोटो : अमर उजाला मुंबई
याचिकाकर्त्ता सारथी ट्रस्ट की डॉ.कृति भारती ने जनहित याचिका में बताया कि सरकार ने राजस्थान विवाह अनिवार्य पंजीकरण (संशोधन) विधेयक पारित करने के तर्क में सुप्रीम कोर्ट के 15 साल पुराने वर्ष 2006 के एक आदेश की भी गलत व्याख्या की है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भी पूरी तरह से पालना नहीं की गई है। बीबीसी की 100 प्रेरणादायक महिलाओं की सूची में शामिल डॉ.कृति भारती ने देश का पहला बाल विवाह निरस्त करवाकर अनूठी साहसिक पहल की थी। जिसे लिम्का बुक और वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया व सीबीएसई पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया।

गौरतलब है कि डॉ.कृति ने अब तक 43 जोड़ों के बाल विवाह निरस्त करवाए और 1500 से अधिक बाल विवाह रुकवाए हैं। इसी के चलते डॉ.कृति भारती को विद्या बालन अभिनीत शेरनी मूवी की लांचिग में रियल शेरनी टाइटल से नवाजा गया। अमेरिकन चॉकलेट कंपनी हर्शी ने डॉ.कृति भारती को चॉकलेट कवर पर फोटो के साथ स्पेशल एडिशन लांच किया था। यूएसए की टैफेड मैगजीन ने वर्ल्ड टॉप 10 एक्टिविस्ट सूची में शुमार किया हैं।
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