अब 'आरआरआर' के लेखक के वी विजयेंद्र प्रसाद ने फिल्म में जूनियर एनटीआर की भूमिका को सहायक बताकर एक नई बहस छेड़ दी है। विजयेंद्र ने जोर देकर कहा कि दोनों नायकों की फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका थी, लेकिन जूनियर एनटीआर को पूरे समय सहायक भूमिका निभानी थी।
जब एसएस राजामौली की राम चरण और जूनियर एनटीआर-स्टारर 'आरआरआर' साल 2022 में स्क्रीन पर आई, तो इस फिल्म ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। उस समय निर्माताओं ने कहा था कि राम के अल्लूरी सीतारामाराजू और एनटीआर के कोमाराम भीम कहानी के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण थे। अब 'आरआरआर' के लेखक के वी विजयेंद्र प्रसाद ने फिल्म में जूनियर एनटीआर की भूमिका को सहायक बताकर एक नई बहस छेड़ दी है। विजयेंद्र ने जोर देकर कहा कि दोनों नायकों की फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका थी, लेकिन जूनियर एनटीआर को पूरे समय सहायक भूमिका निभानी थी।
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आरआरआर के लेखक का दावा
विजयेंद्र प्रसाद ने एक साक्षात्कार में कहा, “जब मैंने फिल्म लिखी तो मुझे लगा कि ये दोनों कहानी के लिए महत्वपूर्ण हैं। लेकिन जब मैंने फिल्म देखा तो मुझे लगा कि लोग राम चरण के किरदार को और अधिक याद रखेंगे। उन्होंने कहा, एनटीआर की भूमिका निभाना मुश्किल है, उन्होंने इसे बखूबी निभाया। राम चरण के किरदार में बहुत सारे शेड्स हैं। जूनियर एनटीआर ने फिल्म में सहायक भूमिका निभाकर अच्छा प्रदर्शन किया था।"
सोशल मीडिया फैंस ने जताई नाराजगी
जूनियर एनटीआर के प्रशंसकों को यह विजयेंद्र की यह बात पसंद नहीं आई कि अभिनेता ने फिल्म में सहायक भूमिका निभाई है। एक प्रशंसक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया, "आरआरआर देखने के बाद, मुझे ऐसा नहीं लगा कि जूनियर एनटीआर के पास एक सहायक चरित्र था..दोनों का महत्व समान था।”
हिंदी पट्टी के दर्शकों ने राम चरण को समझा भगवान राम
उसी बातचीत में, विजयेंद्र यह भी साझा किया कि उत्तर में दर्शकों ने मान लिया कि राम चरण के चरित्र में भगवान राम के साथ समानताएं थीं। उन्होंने कहा, “यहां दो चीजें हैं जिन पर हमें विचार करना चाहिए। सबसे पहले नॉर्थ के दर्शक राम चरण को भगवान राम मानकर फिल्म के पक्ष में गए। आरआरआर में राम चरण को भगवान राम के रूप में प्रदर्शित करने का हमारा कभी इरादा नहीं था। हम अल्लू सीतारामाराजू का किरदार निभाना चाहते थे। हिंदी पट्टी के दर्शकों को ऐसा लगा मानो भगवान राम उनके ठीक सामने आ गए हों। स्क्रिप्टिंग के दौरान हमारे मन में कभी ऐसा विचार नहीं आया। यह महज एक संयोग था। यह जानबूझकर नहीं किया गया।