दिल राजू- सामंथा रुथ प्रभु
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25 साल के करियर में शाकुंतलम एक झटके की तरह है
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में दिल राजू से निर्माता के रूप में उनके सबसे अच्छे और बुरे वर्षों के बारे में पूछा गया था। इस पर उन्होंने कहा कि साल 2017 मेरे लिए अंतिम साल था, क्योंकि यह बहुत ज्यादा मुनाफा लेकर आया था मेरे लिए। उस साल शतमानम भवति, नेनु लोकल, मिडिल क्लास अब्बायी जैसी फिल्में आई थी। उन्होंने आगे कहा कि मेरे 50 प्रोडक्शन में से केवल चार या पांच फिल्में ऐसी थीं, जो आर्थिक रूप से खराब थीं। हाल ही में शाकुंतलम फिल्म उद्योग में मेरे 25 साल के करियर में एक बड़े झटके के रूप में आई है।
दर्शकों ने दी फिल्म को मिली जुली प्रतिक्रिया
उन्होंने स्वीकार करते हुए कहा मुझे प्रोजेक्ट पर विश्वास था। अगर दर्शकों को यह पसंद आई तो वे इसे ब्लॉकबस्टर बनाएंगे। अगर वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे, तो इसका मतलब है कि यह एक मिसफायर और गलत फैसला था। बाद में हमें यह पता करना होगा कि क्या गलत हुआ। मुझे फिल्म पर भरोसा था, इसलिए वास्तविक रिलीज से चार दिन पहले मैंने एक प्रीव्यू शो किया था, लेकिन गणना गलत हो गई थी। मुझे तब पता चला था कि फिल्म को मिली जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। इसलिए फिल्म के पहले दिन से ही मैं तैयार था।
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सिटाडेल और कुशी में नजर आएंगी सामंथा
वहीं सामंथा ने सीधे तौर पर फिल्म को लेकर कुछ नहीं कहा था। उन्होंने भगवद गीता का एक श्लोक साझा किया था। कर्मण्ये वाधिका जाति, मा फलेषु कदाचन मा कर्म फल हेतुर भूः, मा ते संगोत्सव कर्मण्ये, जिसका अर्थ है- अपने कर्मों के फल से कभी भी अभिप्रेरित न हों और न ही उससे किसी प्रकार से अटैच हो। इन दिनों दिल राजू गेम चेंजर में व्यस्त हैं। इसमें राण चरण मुख्य भूमिका में दिखेंगे। वहीं, सामंथा सिटाडेल और कुशी में नजर आएंगी।
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