सोनम बाजवा पंजाबी इंडस्ट्री की टॉप अभिनेत्रियों में से हैं। अभिनय के मामले में सोनम नंबर वन हैं और अभिनेत्री की खूबसूरती का तो कोई जवाब ही नहीं है। सोनम की खूबसूरती के आगे बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियां फेल हैं। उन्होंने पंजाबी फिल्मों के अलावा हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषा की फिल्मों में भी काम किया है। हाल ही में सोनम की फिल्म 'कुड़ी हरियाणे वल दी' 14 जून 2024 को रिलीज हुई थी, जो फैंस को बेहद पसंद आई। पंजाबी इंडस्ट्री की बोल्ड और खूबसूरत अभिनेत्री सोनम बाजवा ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि उन्होंने उत्पादन लागत की बढ़ती कीमतों को लेकर निर्माताओं की कैसे मदद की हैं।
निर्माताओं की करती हैं मदद
2020 की फिल्म अर्दब मुटियारन में अपने प्रदर्शन के लिए पीटीसी पंजाबी फिल्म अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीत चुकीं पंजाबी अभिनेत्री सोनम बाजवा ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि कैसे उन्होंने फिल्म के सेट पर अपने खर्चों को कम करके निर्माताओं की मदद की है। वह बेकार के खर्चे करके निर्माता के पैसे बर्बाद नहीं करती हैं, बल्कि अपनी फिल्म के निर्माताओं के रुपये बचाने के लिए वह कभी-कभी अपना मेकअप और स्टाइलिंग खुद ही कर लिया करती हैं। हाल ही में बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने अभिनेताओं की बढ़ती फीस को लेकर कहा था, कि उन्हें (अभिनेताओं) अपनी बढ़ती फीस की मांग को लेकर सोचना चाहिए।
निर्माताओं के रुपये कैसे बचाती हैं सोनम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक इंटरव्यू के दौरान सोनम बाजवा ने कहा, ''मुझे हर समय लोगों की भीड़ में रहना पसंद नहीं है। मैं चाहती हूं कि मेरे आसपास कम से कम लोग रहें। कई बार ऐसा हुआ है कि मैंने अपना मेकअप खुद ही किया है।'' आगे सोनम ने कहा, ''मैं कम से कम 99 प्रतिशत अपनी स्टाइलिस्ट खुद ही कर लेती हूं।''
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सोनम हमेशा छोटी टीम के अंदर रहकर काम करना पसंद करती हैं। पंजाबी फिल्म उद्योग की सबसे ज्यादा महंगी अभिनेत्रियों में से एक सोनम का कहना है कि वह अपने सेट पर खाना बर्बाद करने या केवल दिखावे के लिए कुछ भी करना पसंद नहीं करती हैं। सोनम ने कहा, ''मुझे लगता है कि एक जिम्मेदार अभिनेता के रूप में, यदि आप निर्माता को किसी भी चीज की लागत कम करने में मदद कर सकते हैं, तो आपको वह करना चाहिए। मैं हमेशा अपनी टीम से कहती हूं कि अगर मैं निर्माता बन गई और बर्बादी हुई तो मुझे बहुत बुरा लगेगा। इसलिए हम सभी को यह सोचकर काम करना चाहिए कि फिल्म हमारी भी है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि खाना बर्बाद हो रहा है, या कुछ इस्तेमाल नहीं हो रहा है। दिखावे के लिए कुछ भी नहीं करना चाहिए और अगर मैं कुछ कर सकती हूं तो मैं वह करती हूं।''