साल 2018 की फिल्म 'तुम्बाड' को दोबारा से सिनेमाघरों में रिलीज किया गया है, फिल्म काफी शानदार प्रदर्शन भी कर रही है। इस बीच फिल्म के सह-निर्माता और अभिनेता सोहम शाह ने इसे अन्य हॉरर फिल्मों से काफी अलग बताया है।
लोकप्रिय और बेहद चर्चित फिल्म 'तुम्बाड' एक बार फिर सिनेमाघरों में रिलीज की गई है। फिल्म की मूल रिलीज साल 2018 में हुई थी। अब इसके छह साल बाद इसे दोबारा से रिलीज किया गया है। दिलचस्प बात है कि फिल्म इस बार टिकट खिड़की पर पहले से भी ज्यादा सफल साबित हुई है। फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। इस फिल्म के सह-निर्माता और अभिनेता सोहम शाह ने फिल्म की सफलता को लेकर उत्साह जाहिर किया है। उन्होंने हाल में ही इंडिया टुडे के साथ एक इंटरव्यू के दौरान इसे समकालीन हॉरर फिल्मों से अलग बताया है।
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सोहम शाह ने 'तुम्बाड' को बताया अन्य हॉरर फिल्मों से अलग
इंटरव्यू के दौरान सोहम शाह ने कहा कि ये फिल्म अन्य हॉरर फिल्मों से अलग है। उन्होंने फिल्म के अनूठे पहलुओं पर जोर देते हुए कहा कि ये 'स्त्री' और 'मुंजा' जैसी अन्य लोककथा आधारित हॉरर फिल्मों में अलग है। अभिनेता ने कहा कि वो लोग दादी-नानी की कहानियां नहीं बना रहे। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या मैडॉक की हॉरर कॉमेडी यूनिवर्स को मिली शानदार सफलता को देखते हुए उनके लिए 'तुम्बाड 2' बनाना आसान होगा, जो एक जैसे थीम पर आधारित हैं? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि दोनों में महत्वपूर्ण अंतर है।
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दादी-नानी की कहानियों पर आधारित है 'तुम्बाड'
अभिनेता सह निर्माता ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह कोई समस्या है। उन्होंनें कहा, वो फिल्में अलग हैं, उनमें कोई भी तुम्बाड जैसी नहीं हैं। इन कहानियों में काफी अंतर है। उन्होंने आगे कहा कि तुम्बाड एकमात्र ऐसी फिल्म है, जो दादी-नानी की कहानियों पर आधारित है। अभिनेता ने इसमें जोड़ते हुए आगे कहा, "वे दादी-नानी की कहानियां नहीं बना रहे हैं। हमारी कहानी आधुनिक समय पर आधारित नहीं है। हमारी फिल्म उस समय में शुरू और खत्म होती है। हमारे पास एक राक्षस है।"