दिग्गज निर्देशक बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं। हाल में ही गैलाटा प्लस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने पौराणिक फिल्मों के चलन को लेकर बात की है। उन्होंने इन फिल्मों को बनाए जाने को खतरनाक करार दिया है। उन्होंन कहा कि अतीत में ये फिल्में भले ही सफल रही हैं, लेकिन बिना विवाद पैदा किए इन फिल्मों की बॉक्स ऑफिस पर सफल होने की संभावना थोड़ी कम है।
इस बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि पौराणिक फिल्मों की कहानियों से दर्शकों के परिचित होने के बाद भी इन्हें क्यों बनाया जाता है। इस पर उन्होंने कहा, "पौराणिक कहानियों पर फिल्में बनाना बहुत खतरनाक है। इसके दो कारण हैं, जो कहानियां लोगों को पहले से ही पता हैं और आप उन्हें अलग बनाने की कोशिश करते हैं,तो इसका उल्टा असर हो सकता है। आप हमारे देश में ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि इससे लोगों की आस्था जुड़ी है। दोनों ही तरह से मुझे लगता है कि यह काफी जोखिम भरा है।"
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अपनी बेबाक राय के लिए मशहूर फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में भारत में पौराणिक फिल्मों के निर्माण के चलन पर चर्चा की। उन्होंने इन फिल्मों को बनाना 'खतरनाक' बताया और बताया कि हालांकि वे अतीत में सफल रही हैं, लेकिन विवाद पैदा किए बिना बॉक्स ऑफिस पर उनकी सफलता की संभावना कम है। वर्मा ने धार्मिक संघर्षों से बचने के लिए इन कहानियों को प्रस्तुत करने के वैकल्पिक तरीकों का भी सुझाव दिया।
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राम गोपाल वर्मा - अमिताभ बच्चन
- फोटो : इंस्टाग्राम @rgvzoomin
उन्होंने इस दौरान ओम रावत की ‘आदिपुरुष’ का उदाहरण देते हुए कहा कि इस फिल्म के लिए अधिकतर आलोचनाएं सैफ अली खान को,जिस तरह का रूप दिया गया और हनुमान जी का जैसे चित्रण किया गया, उन पर ही थीं। उन्होंने इस तरह की आलोचनाओं से बचने के लिए एक सुझाव देते हुए कहा कि अगर इन पौराणिक कहानियों को युवा दर्शकों तक पहुंचाना है, तो उसे रामायण के रूप में लेबल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामायण के रूप में ब्रांडिंग किए बिना, इसे अगर एक नई कहानी के तौर पर बनाया जाए, तो विवाद से बचा जा सकता है।
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