'वे तो सुकून तलाशने घाटी आए थे'
सोनाली बेंद्रे ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें आतंकी हमले में मारे गए पर्यटकों के नाम हैं। इसके साथ उन्होंने लिखा है, 'वे देवदार के पेड़ों में सुकून तलाशने आए थे। बर्फीली वादियों का रुख किया था उन्होंने कुछ खूबसूरत लम्हे बिताने के लिए। वर्षों तक सांस रोके रखने के बाद आखिरकार वे घाटी की सैर पर आए थे कुछ शांति के लिए'।
'खाली कैफे में चाय उबलती ही रह गई'
सोनाली बेंद्रे ने लिखा है, 'जो दिन उनके लिए यादगार होना चाहिए था, वह सुर्खियों और शवों की गिनती में बदल गया। वे सैनिक नहीं थे। वे लड़ाके भी नहीं। वे तो महज सामान्य लोग थे, जो छुट्टियां मनाने आए थे। वे एक ऐसी जद्दोजहद में फंसे जो कभी उनकी थी ही नहीं। एक बार फिर, कश्मीर, जिसने उम्मीदें देखी थीं, जिसने स्वागत करने की हिम्मत की, वह खुद को समेट लेता है। शटर बंद। घोड़े बे-रास्ते हो गए। खाली कैफे में चाय उबलती ही रह गईं और छूट गईं। इस जगह को कितनी बार खोना होगा, इससे पहले कि इसे बस यूं ही रहने दिया जाए, जैसी ये है'?