खबरों की मानें तो समीर वानखेडे ने अपने मुकदमे में साल 2023 में एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए मुकदमा दायर किया है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि काशिफ अली खान ऐसे बयान दिए जो जानबूझकर झूठ बोलने वाले और 'मनगढ़ंत, आधारहीन' थे।
पूर्व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) अधिकारी समीर वानखेड़े ने हाल ही में, बिग बॉस 14 की प्रतियोगी राखी सावंत और उनके वकील अली काशिफ खान के खिलाफ 11 लाख रुपये का दावा करते हुए मानहानि का मुकदमा दायर किया है। मामला भारत के मुंबई में डिंडोशी सिटी सिविल कोर्ट, मलाड के समक्ष दायर किया गया है।
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अली काशिफ खान ने रखा अपना पक्ष
अपनी याचिका में, समीर ने बताया है कि राखी और अली ने उनकी छवि खराब करने और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की। इसके जवाब में अली काशिफ खान ने कहा, "कानून बताता है कि जब जनता की भलाई के लिए किसी पब्लिक सर्वेंट को लेकर सच बोला जाता है तो कोई मानहानि नहीं होती है। यह मानहानि नहीं है। किसी के बारे में कुछ कहना या अपनी राय रखना किसी भी प्रकार की मानहानि नहीं होती है।"
समीर वानखेड़े की छवि की थी धूमिल
खबरों की मानें तो समीर वानखेड़े ने अपने मुकदमे में साल 2023 में एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए मुकदमा दायर किया है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि काशिफ अली खान ऐसे बयान दिए जो जानबूझकर झूठ बोलने वाले और 'मनगढ़ंत, आधारहीन' थे। यही नहीं, उन्होंने यह भी बताया है कि अली काशिफ खान जानबूझकर मीडिया में ऐसे बयान देते हैं और सेलेब्स की छवि को धूमिल करते हैं। उन्होंने 11 लाख रुपये का हर्जाना और मुआवजा मांगा है।
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राखी सावंत की भी बढ़ी मुश्किलें
समीर वानखेड़े ने आगे यह भी कहा कि अली काशिफ खान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर भी इसी तरह के कंटेंट पोस्ट किए थे, उनके इस कंटेंट को बाद में राखी सावंत ने शेयर किया था। इन सब वजहों से उनकी प्रतिष्ठा को और नुकसान हुआ है। बता दें कि अली काशिफ खान मॉडल मुनमुन धमेचा के वकील हैं, जिन्हें वानखेड़े के नेतृत्व वाली एक टीम ने 2021 में क्रूज ड्रग छापे मामले में गिरफ्तार किया था।