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Malini Awasthi: प्रख्यात गायिका मालिनी अवस्थी ने भंसाली को लताड़ा, ‘मिर्जापुर’ बनाने वालों की इसलिए लगाई क्लास

Fri, 12 Jul 2024 11:00 AM IST
अंजू बाजपेई एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित प्रसिद्ध गायिका मालिनी अवस्थी आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने 'मिर्जापुर' और 'हीरामंडी' जैसी वेब सीरीज बनाने वाले निर्देशकों को खूब जमकर खरी खोटी सुनाई है।  
 
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मशहूर गायिका मालिनी अवस्थी - फोटो : इंस्टाग्राम@maliniawasthi
भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित प्रसिद्ध गायिका मालिनी अवस्थी आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने 'मिर्जापुर' और 'हीरामंडी' जैसी वेब सीरीज बनाने वाले निर्देशकों को खूब जमकर खरी खोटी सुनाई है।  
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मालिनी अवस्थी - फोटो : इंस्टाग्राम@maliniawasthi
यूपी से निकली मशहूर गायिका मालिनी अवस्थी की दमदार और बुलंद आवाज पूरे देश में गूंजती हैं। वो ऐसी लोक गायिका हैं, जिनका कोई सानी नहीं है। वह जब भी मंच पर आती हैं तो उनकी आवाज दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। मालिनी अवस्थी भोजपुरी इंडस्ट्री का जाना-माना चेहरा हैं। उन्होंने लोकगीत को अपनी आवाज में बुलंदियों पर पहुंचाया है। 57 साल की मालिनी ने 'दम लगाके हईशा' में 'सुंदर सुशील' गाना गाया। इसके अलावा वो 'बम बम बोले', 'एजेंट विनोद', 'इश्क' जैसी बॉलीवुड फिल्मों के लिए गाना गाया है। अब मालिनी ने 'मिर्जापुर' और 'हीरामंडी' जैसी वेब सीरीज बनाने वाले निर्देशकों की क्लास लगाई है।
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मालिनी अवस्थी - फोटो : इंस्टाग्राम@maliniawasthi
मालिनी अवस्थी ने वेब सीरीज बनाने वाले निर्देशकों को लेकर लगाई क्लास
मालिनी ने वेब सीरीज 'हीरामंडी' और 'मिर्जापुर' को लेकर लिखा, ''हम तो यही समझते हुए बड़े हुए कि जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि! लेकिन आज ओटीटी प्लेटफार्म पर कवि और कलाकार, इन्हे किस नजरिए से दिखाया जा रहा है! यह बहुत गंभीर विषय है। मिर्जापुर हो या हीरामंडी... सब वास्तविकता से कोसों दूर। कहानी, कल्पना फितूर उसपर तो क्या टिप्पणी की जाए लेकिन इधर जो दिखा है उस पर खामोश रहना सही नही होगा। फिक्शन के नाम पर चल रहे इस अपमान के सामने किसी भी कलाकार और किसी भी कवि को चुप नही रहना चाहिए।''

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मालिनी अवस्थी - फोटो : इंस्टाग्राम@maliniawasthi
आगे मालिनी ने कालीन भैया के किरदार के बारे में लिखा, ''मां विंध्यवासिनी के तीर्थ मिर्जापुर को बदनाम करती हुई कालीन की आड़ में अपराध की बैसिरपैर की कहानी बताना काफी नहीं था जो अब कला जगत को इस गंदगी में लपेट लिया गया है। मिर्जापुर सीरीज के तीसरे सीजन में कवि समाज की विद्रूपता की आड़ में कविता के नाम पर उत्श्रृंखलता और भौंडापन की सीमाएं पार कर गया है, यही नहीं, वह हत्यारा भी है, हत्या को जायज़ मानने वाला हृदयविहीन कवि!  इसी तरह हीरामंडी में उस्ताद के नाम पर एक ऐसा घटिया किरदार परोसा गया है जो बाज़ार जमाता है। में तो समझती थी कि संजय लीला भंसाली कला को समझते हैं, लेकिन क्या वाकई!! तालीम देते हुए कोठों पर जिंदगी गुजार देने वाले उस्ताद इन गायिकाओं को शीर्ष मुकाम पर पहुंचाने के लिए अपना खून दे कर बरसों रियाज करवाते थे, सिखाते थे, मेहनत करवाते थे तब जाकर कोई सितारा निखरता था, लेकिन आठ घंटे लंबी सीरीज में एक भी जगह एक भी तवायफ न गाना सीखते दिखाई दी न कोई उस्ताद तालीम देते हुए। हीरामंडी में उस्ताद के नाम पर जो घटियापन दिखाया गया है वह अपमानजनक है, सारी हदें पार करने वाला अपमान!''
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मालिनी अवस्थी - फोटो : इंस्टाग्राम@maliniawasthi
इसके अलावा निर्देशकों के बारे में मालिनी ने लिखा, ''राजनीति, पुलिस, न्यायिक व्यवस्था, समाज सेवा सभी अंगों को विकृत कर समाज में परोसने वाले यह लोग कम से कम कला जगत को बक्श दें। कलाकार और कवि रचनाकार हैं,इन पर आगे की इबारत लिखी जाएगी, ये आने वाली पीढ़ी का हक हैं, वे इन्हे अपना हासिल मानकर कुछ सुनेंगी सीखेंगी, उनका यह हक उनसे मत छीनिए। अपनी अफलातूनी कहानियों में जो दिखाना हों वह दिखाएं लेकिन कम से कम कवि और कलाकार इनके संग क्रियेविटी के नाम पर यह गंदा खेल बंद कीजिए।''
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मालिनी अवस्थी - फोटो : इंस्टाग्राम@maliniawasthi
11 फरवरी 1967 को उत्तर प्रदेश के कन्नौज में मालिनी का जन्म हुआ था। वो अब 56 साल की हैं। उन्होंने लखनऊ के भातखंडे यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन किया और हिंदुस्तानी क्लासिकल म्यूजिक में गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं। इसके बाद मालिनी ने लखनऊ यूनिवर्सिटी में मॉर्डिन हिस्ट्री के साथ एमए में फिर से गोल्ड मेडल हासिल किया। वो बनारस घराने की महान हिंदुस्तानी क्लासिकल सिंगर पद्मा विभूषण विदुषी गिरिजा देवी की गंडाबंद स्टूडेंड रहीं। मालिनी भोजपुरी के अलावा अवधि और हिंदी भाषा में भी गाती हैं। वो ठुमरी और कजरी भी प्रस्तुत करती हैं। भारत सरकार भोजपुरी म्यूजिक में योगदान के लिए उन्हें साल 2016 में पद्मी श्री से नवाजा जा चुका है।
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