जब नव्या ने जया बच्चन से पूछा कि वे असफलताओं से कैसे जूझती हैं। इस सवाल के जवाब में अभिनेत्री कहती हैं, 'मैं यह नहीं कहूंगी कि मुझे असफलता प्रभावित नहीं करती है। सच कहूं तो असफलता से ज्यादा मैं आलोचनाओं से प्रभावित होती हूं...'
अमिताभ बच्चन की नातिन नव्या नंदा इन दिनों 'व्हाट द हेल नव्या' के नए सीजन को लेकर सुर्खियां बटोर रही हैं। इस शो में वे अपनी नानी जया बच्चन और अपनी मां श्वेता बच्चन के साथ बेबाकी से बातें करती दिखाई देती हैं। 'व्हाट द हेल नव्या' के हालिया एपिसोड में जया बच्चन अपनी असफलता और आलोचनाओं पर बातें करती नजर आईं।
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पहचान न मिले तो बुरा लगता है
अभिनेत्री जया बच्चन बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 'गुड्डी' फिल्म से किया था। हाल ही में अपनी नातिन नव्या के साथ उनके शो 'व्हाट द हेल नव्या' में अपने पुराने दिनों को याद करती दिखीं। उन्होंने कहा, 'जब किसी कलाकार को उसके काम लिए सराहा नहीं जाता है तब काफी बुरा लगता है। सफलता-असफलता से उतना फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन अगर अच्छा काम करने के बाद भी आलोचना ही मिले तब बुरा लगता है।'
किस्मत में मानती हूं
जब नव्या ने जया बच्चन से पूछा कि वे असफलताओं से कैसे जूझती हैं। इस सवाल के जवाब में अभिनेत्री कहती हैं, 'मैं यह नहीं कहूंगी कि मुझे असफलता प्रभावित नहीं करती है। सच कहूं तो असफलता से ज्यादा मैं आलोचनाओं से प्रभावित होती हूं, लेकिन कई बार मैं मान लेती हूं कि किस्मत में यही लिखा रहा होगा इसलिए ऐसा हुआ। यह सोच कर मैं आगे बढ़ जाती हूं।'
लिखना बंद कर दिया
'व्हाट द हेल नव्या' के आगामी एपिसोड में जया बच्चन और श्वेता बच्चन असफलताओं पर बातें करती नजर आने वाली हैं। शो के दौरान जया कहती हैं, 'मैंने काफी मेहनत से अपनी पहली किताब 'पैराडाइज टावर्स' को लिखा था। हो सकता है कि लोगों को शायद वही किताब लंबी लगी हो या पसंद नहीं आई हो, लेकिन उस किताब के लिए मुझे इतनी नकारात्मक समीक्षा मिली कि मैंने लिखना छोड़ दिया। मैं खुद पर संदेह करने लगी कि शायद मैं नहीं लिख सकती हूं।'