दरअसल केटी ने साल 2018 में दिवालियापन से बचने के लिए बैंक का पूरा पैसा वापस करने की एक योजना बनाई थी। इस योजना के तहत उन्होंने कोर्ट से एक व्यक्तिगत स्वैच्छिक समझौते की पेशकश की थी. जिसके अनुसार वह किश्तों में सारा पैसा चुकाने वाली थीं।
लेकिन वो इसे चुकाने में नाकामयाब रहीं। उनके सभी चेक बाउंस होते गए जिसके बाद अदालत ने उन्हें दिवालिया घोषित कर दिया। अब केटी के सारे बैंक खाते फ्रीज कर दिए जाएंगे और अब उनकी संपत्ति को बेचने की जिम्मेदारी एक ट्रस्ट की होगी।