अमिताभ बच्चन और नाना पाटेकर कोहराम में नजर आए थे। इस फिल्म का निर्देशन भी मेहुल कुमार ने ही किया था। मेहुल बताते हैं, 'जब वे अमिताभ बच्चन के पास कोहराम का ऑफर लेकर पहुंचे थे, तब अमिताभ थोड़े दुविधा में थे। शायद उन्होंने नाना पाटेकर के नेचर के बारे में सुन रखा था'।
1992 में बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन फिल्मों से छोटा सा ब्रेक लिया था। इस ब्रेक के बाद उन्होंने 1997 की फिल्म मृत्युदाता से हिंदी सिनेमा में वापसी की थी। इस फिल्म का निर्देशन फिल्म निर्माता मेहुल कुमार ने किया था। हाल ही में एक बातचीत के दौरान मेहुल कुमार पुराने दिनों को याद करते नजर आए। उन्होंने अमिताभ के अलावा नाना पाटेकर के साथ भी अपने काम के अनुभवों को अपने फैंस के संग साझा किया।
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'मृत्युदाता' की स्क्रिप्ट अमिताभ को पसंद आई
मेहुल कुमार ने फिल्म इंडस्ट्री को कई शानदार फिल्में दे चुके हैं। उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ भी काम किया है। पुराने दिनों को याद करते हुए मेहुल कुमार कहते हैं,'जब मैं अमिताभ बच्चन के पास मृत्युदाता की स्क्रिप्ट लेकर पहुंचा था तब उन्होंने तुरंत ही उस फिल्म के लिए हां कर दिया था। उन्हें फिल्म की कहानी काफी पसंद आई थी। इस फिल्म से ही बॉलीवुड को पंजाबी गायक दलेर मेहंदी भी मिले। उस फिल्म में उनका गाया हुआ गाना आज भी लोगों याद है'।
दलेर मेहंदी को नहीं हुआ था यकीन
मेहुल कुमार अपनी बात जारी रखते हुए कहते हैं, 'जब मैंने दलेर मेहंदी को फोन किया तो पहले उन्हें इस बात का यकीन ही नहीं हुआ कि वे अमिताभ बच्चन के लिए गाएंगे और गाने के म्यूजिक वीडियो में भी नजर आएंगे। उन्होंने मुझसे कहा मुझे विश्वास नहीं हो रहा है और उन्होंने गाने के लिए एक पैसा भी लेने से इनकार कर दिया था। फिल्म का वह गाना जबरदस्त हिट हुआ था'।
नाना के साथ काम को लेकर दुविधा में थे अमिताभ
अमिताभ बच्चन और नाना पाटेकर कोहराम में नजर आए थे। इस फिल्म का निर्देशन भी मेहुल कुमार ने ही किया था। मेहुल बताते हैं, 'जब वे अमिताभ बच्चन के पास कोहराम का ऑफर लेकर पहुंचे थे, तब अमिताभ थोड़े दुविधा में थे। शायद उन्होंने नाना पाटेकर के नेचर के बारे में सुन रखा था। मैंने उन्हें यकीन दिलाया कि सेट पर उन्हें पूरी इज्जत मिलेगी और नाना के साथ मैं फिल्में कर चुका था। मुझे पता था ऐसी कोई समस्या सामने नहीं आएगी और बिल्कुल हुआ भी ऐसा ही। फिल्म एकदम आसानी से शूट हो गई थी।