फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिद्धार्थ शुक्ला निधन: मां के बेहद करीब थे एक्टर, कहा था- मुझे गोद में लेकर रोटियां बेलती थी मम्मी

Thu, 02 Sep 2021 06:13 PM IST
ललित फुलारा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

दिवंगत अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला अपनी मां के बेहद करीब थे। वह कहा करते थे कि उनका दिल मां के लिए हमेशा पिघलता है। मां ही दुनिया की वो शख्स है, जो मेरी जिंदगी में सबसे अहम भूमिका निभाती है।
विज्ञापन
सिद्धार्थ शुक्ला - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिवंगत अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला अपनी मां के बेहद करीब थे। वह कहा करते थे कि उनका दिल मां के लिए हमेशा पिघलता है। मां ही दुनिया की वो शख्स है, जो मेरी जिंदगी में सबसे अहम भूमिका निभाती है। मां मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। गुरुवार को 40 साल की उम्र में सिद्धार्थ अपनी इसी मां को अकेले छोड़कर इस दुनिया को अलविदा कह गये। उनकी मौत पर फिल्म इंडस्ट्री में गमगीन माहौल है। उनको जानने वाले हर शख्सियत की आंखों में आंसू और जुबान पर संवेदना के शब्द हैं।

विज्ञापन


एक हाथ से रोटियां बेलती थी मां, दूसरे से मुझे गोद में लेती थी
हर कोई कह रहा है, तुम हमेशा याद आओगे सिद्धार्थ....। सिद्धार्थ ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि लोग मुझे बाहरी तौर पर सख्त व्यक्ति के रूप में जानते हैं। पर मेरा दिल अपनी मां के लिए हमेशा पिघलता है। जब से मैं पैदा हुआ हूं, तब से मेरी मां ही वो व्यक्ति हैं, जो मेरे जीवन में सबसे अहम हैं। बचपन में मेरी मां मुझे गोद में लेकर रोटियां बेलती थीं। उन्होंने बताया था कि तीन बच्चों में मैं सबसे छोटा था। इस वजह से मैं हर वक्त अपनी मां के आसपास मंडराता रहता था। मैं बहनों के साथ खेलने की जगह मां के ही करीब रहता था। वो एक हाथ से रोटियां बेलती थी और दूसरे हाथ से मुझे गोद में लेती थी। पिता की मौत के बाद भी सिद्धार्थ के जीवन में मां ने ही सबसे अहम किरदार निभाया।

इसे भी पढ़ें-सिद्धार्थ शुक्ला निधन: रात साढ़े तीन बजे पानी पीकर सोये थे एक्टर, सीने में दर्द होने पर मां को था जगाया
विज्ञापन



'बचपन में मैं शरारती बच्चा था'
सिद्धार्थ ने कहा था कि वो बचपन में बेहद शरारती बच्चे थे। उन्होंने बताया था कि जैसे-जैसे वो बड़े हुए मां उनकी सबसे अच्छी दोस्त बन गईं। जब भी मैं खेलने के बाद घर वापस लौटता, तो सबकुछ अपनी मां को बताता और उनसे बात करता था। जबकि दूसरे बच्चे अपने मां-बाप से बातें छिपाया करते थे।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें-श्रद्धांजलि: जब सिद्धार्थ ने कहा था- शहनाज तू मेरे लिए सिगरेट जैसी है... पता है बर्बाद कर रही है फिर भी पीता हूं

सिद्धार्थ कहते थे कि उनकी मां ने ही उनको जीवन में सबकुछ सीखाया है। उन्होंने कहा था कि मेरी मां ने मुझे हमेशा ईमानदार रहने की सीख दी। अपनी गलतियों का सामना करना सीखाया। पिता की मौत के बाद जब उनको लगा कि उनके सिर से बाप का साया उठ गया, उस वक्त मां ने ही उन्हें संभाला। सिद्धार्थ ने बताया था कि जब घर में आर्थिक समस्या पैदा हुई, तो मां ने ही पूरा घर संभाला।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें