अनुभवी अभिनेत्री शबाना आजमी सम-सामयिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में शबाना ने चंडीगढ़ हवाईअड्डे की घटना की निंदा की थी जहां एक महिला कॉन्स्टेबल ने अभिनेत्री से सांसद बनीं कंगना रणौत को थप्पड़ मारा था। अब शबाना ने एक इंटरव्यू में कहा है कि वह कंगना के साथ उनके वैचारिक मतभेद के बाद भी इस मुद्दे पर दृढ़ता से विचार करती हैं।
टाइम्स नाउ के साथ एक इंटरव्यू में शबाना से थप्पड़ विवाद में मंडी लोकसभा सांसद कंगना रणौत का समर्थन करने के बारे में पूछा गया, जिसपर पूर्व राज्यसभा सांसद ने कहा, 'मैं इस मुद्दे के बारे में बहुत दृढ़ता से महसूस करती हूं। किसी की व्यक्तिगत विचारधारा कभी भी सही के लिए लड़ने में आड़े नहीं आनी चाहिए। मैं अकेली था जो संसद में खड़ा हुआ और कहा कि नाथूराम गोडसे पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए। इसका मंचन करने का पूरा अधिकार था क्योंकि इसे सेंसर बोर्ड द्वारा पारित किया गया था, जो एकमात्र प्राधिकारी है जिसके पास प्रतिबंध लगाने का अधिकार है। किसी सिद्धांत की सच्ची परीक्षा यह है कि जब आप सामग्री से पूरी तरह असहमत हों तब भी इसका अभ्यास कैसे किया जाता है।
इससे पहले घटना की निंदा करते हुए अनुभवी अभिनेत्री ने कंगना के समर्थन में एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा था, 'कंगना रणौत के लिए मेरे मन में कोई प्यार नहीं है, लेकिन मैं खुद को थप्पड़ का जश्न मनाने के इस समूह में शामिल नहीं पा रही हूं। अगर सुरक्षाकर्मी कानून अपने हाथ में लेना शुरू कर दें तो हममें से कोई भी सुरक्षित नहीं रह सकता।'
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शबाना आजमी की बात करें तो उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्म अंकुर (1974) से की थी। इसके अलावा उन्हें निशांत (1975), स्पर्श (1980), अर्थ (1981), मासूम (1983) और फायर (1996) जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। अभिनेत्री आखिरी बार साल 2023 की फिल्म रॉकी और रानी की प्रेम कहानी में नजर आई थीं। इस फिल्म में शबाना ने अपने ऑनस्क्रीन किस से खूब सुर्खियां बटोरी थीं। शबाना आजमी भारत के दो सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म श्री और पद्म भूषण से भी सम्मानित हैं।