सेक्रेड गेम्स, लैला, फोर मोर शॉट्स
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज - ओरिजनल कॉमेडी श्रेणी में भी पांच वेब सीरीज के लेखक नामांकन के अंतिम दौर तक पहुंच सके। इनके नाम हैं, वेब सीरीज एडल्टिंग 2 के मैत्रेयी उपाध्याय, नयना श्याम और प्रेक्षा खन्ना, फोर मोर शॉट्स के लिए देविका भगत व इशिता मोइत्रा, गर्ल्स हॉस्टल के लिए आशीष मनचंदा, चिराग रत्ना सिंह व श्रेयसी शर्मा, ट्रिपलिंग सीजन 2 के लिए आकर्ष खुराना व सुमीत व्यास और वर्जिन भास्कर के लिए अजयदीप सिंह व मनीष कुमार।
सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज- एडाप्टेशन श्रेणी में एसडब्लूए अवॉर्ड कमेटी ने सिर्फ तीन वेब सीरीज के लेखकों को नामांकन के दौर तक पहुंचने के लायक समझा। इनके नाम हैं, वेब सीरीज लैला के लिए असद हुसैन (संवाद), दीपा मेहता, पैट्रिक ग्राहम, सुहानी कंवर व उर्मि जुवेकर, सेक्रेड गेम्स सीजन 2 के लिए ध्रुव नारंग, निहित भावे, पूजा तोलानी व वरुण ग्रोवर और सेलेक्शन डे के लिए मार्स्टन ब्लूम, सुमित अरोड़ा व तनुजा चतुर्वेदी (हिंदी संवाद)। एसडब्लूए की हीरक जयंती समारोह में दिए जाने वाले इन पुरस्कारों के लिए नामांकित होने पर सभी लेखकों ने हर्ष और उल्लास जताया है। इन नामांकनों की घोषणा करते समय इनकी ज्यूरी से कुछ सवाल जवाब भी हुए।
‘अमर उजाला’ ने जब एसडब्लूए के अध्यक्ष रॉबिन भट्ट से ये जानना चाहा कि जैसे फिल्मों की लोकप्रियता इनके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और टीवी धारावाहिकों की लोकप्रियता इनकी टीआरपी से तय होती है तो क्या वेब सीरीज की लोकप्रियता का कोई मानक नहीं होना चाहिए? उनका कहना था कि ऐसी कोई जरूरत फिलहाल देश में दिखती नहीं है। वेब सीरीज का कारोबार अभी भारत में अपने शैशव काल में हैं। कुछ लेखकों ने ये भी कहा कि ऐसी कोई व्यवस्था होनी ही नहीं चाहिए नहीं तो फिर टीवी की तरह यहां भी लेखकों पर अपनी कहानियां बदलने का टीआरपी वाला दबाव आ सकता है। हालांकि, कुछ वरिष्ठ लेखकों ने यहां स्पष्ट किया कि टीवी और वेब सीरीज का काम करने का तरीका बिल्कुल अलग है। वेब सीरीज में किसी एक सीजन के सारे एपीसोड्स एक साथ ही लिखे जाते हैं और उनकी मंजूरी भी उसी तरह मिलती है।