ये है मामला
दरअसल, प्रदीप मोरे का आरोप है कि लातूर में 16 अन्य कंपनियां पिछले दो साल से भूमि आवंटन के इंतजार में हैं तो वहीं अभिनेता रितेश देशमुख और उनकी पत्नी जेनेलिया डिसूजा देशमुख की कंपनी देश एग्रो जो कि 2021 स्थापित की गई और उसके कुछ ही दिन बाद कंपनी को जमीन का आवंटन कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ये सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है। सिर्फ इतना ही नहीं लातूर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक द्वारा अक्टूबर 2021 और जुलाई 2022 में कंपनी को दिए गए 116 करोड़ रुपये के लोन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मोरे ने कहा कि कंपनी, मेसर्स देश एग्रो प्राइवेट लिमिटेड, रितेश देशमुख और उनकी पत्नी द्वारा बनाई गई थी, जिसमें दोनों की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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कब हुआ था आवंटन
बता दें कि रितेश और जेनेलिया इस कंपनी में बराबर के हकदार हैं। रितेश महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री, दिवंगत विलासराव देशमुख के बेटे और कांग्रेस नेता अमित देशमुख के भाई हैं, जो कि महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार में मंत्री थे। इनके कार्यकाल के दौरान ही जमीनों का आवंटन हुआ था। वहीं, रितेश और जेनेलिया की प्रतिक्रिया नहीं मिली है। हालांकि उनकी कंपनी ने भूखंड आवंटन में किसी भी अवैधता से इनकार किया और कहा कि सभी मानदंडों का पालन किया गया था।
आरोपों को बताया निराधार
फर्म ने लातूर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के साथ दूसरे ऋण के लिए आवेदन किया और 27 अक्टूबर, 2021 को 61 करोड़ रुपये मिले। भाजपा के एक पदाधिकारी ने कहा कि इसने 25 जुलाई, 2022 को बैंक से 55 करोड़ रुपये का एक और ऋण लिया है। मोरे ने कहा, 'हमने (एमआईडीसी प्लॉट भूमि आवंटन और जुटाए गए कर्ज) दोनों की जांच की मांग की है। वहीं, देश एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के स्थापना प्रबंधक दिनेश केसरे ने भाजपा पदाधिकारी द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने दावा किया कि कर्ज भी उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए लिया गया है और कंपनी को कानून के मुताबिक प्लॉट लीज पर दिया गया है।