-निर्माताः शुजित सरकार
-निर्देशकः अनिरुद्द रॉय चौधरी
-सितारेः अमिताभ बच्चन, तापसी पन्नू, कृति कुल्हारी, आंद्रिया तरैंग, अंगद बेदी, पियूष मिश्रा
रेटिंगः ***
किसी फिल्म की कामयाबी क्या लड़कियों के स्कर्ट की लंबाई पर होने वाली बहस से सुनिश्चित हो सकती है? स्पष्ट जवाब है, नहीं। इसी तरह स्कर्ट के रूप-आकार-नाप का पैमाना लड़की के चरित्र के बारे में कुछ ‘नहीं’ बताता। पिंक ठोक-बजाकर यह कहती है।
कुछ रसूखदार रईसजादों से एक कंसर्ट में मिली तीन लड़कियां हंसी-मजाक कर लेती हैं। शराब तथा डिनर का प्रस्ताव दोस्ताना मानकर स्वीकार लेती हैं। तब वे मान बैठते हैं कि लड़कियों ने उन्हें ‘ऑल रूट पास’ दे दिया है। इस गफलत में हादसा होता है जब विरोध करती हुई लड़की एक रईसजादे के सिर पर कांच की बोतल दे मारती है और पुलिस केस बन जाता है। बात अदालत तक पहुंचती है। जैसे-जैसे बहस त्रिया चरित्र को केंद्र में लाती है, वैसे-वैसे मर्दवादी सोच का पोस्टमार्टम होने लगता है।