दृष्टि धामी, कुणाल कपूर द एम्पायर में
- फोटो : अमर उजाला मुंबई
बाबर का उत्तराधिकारी हुमायूं
पानीपत के पहले युद्ध ने मुगल साम्राज्य की नींव स्थापित की थी। इस लड़ाई में इब्राहिम लोदी और उनके 15,000 सैनिक मारे गए। बाबर 12 साल की उम्र में राजा बना था और मरते दम तक युद्ध में जुटा रहा। उनकी जिंदगी में उसकी मां बहन और नानी का गहरा असर था। इस सीरीज में बाबर की बहन खानजादा बेगम का किरदार दृष्टि धामी ने निभाया है। बाबर ने भारत पर पांच बार आक्रमण किया। बाबर का उत्तराधिकारी हुमायूं हुआ। हुमायूं का शासन अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर भारत के हिस्सों में रहा।
चौसा का युद्ध हुमायूं के जीवन की महत्वपूर्ण घटना है। इस युद्ध में हुमायूं की हार हुई थी। हुमायूं और शेरशाह के बीच यह लड़ाई 26 जून, 1539 को हुई थी। इस युद्ध में हुमायूं अपनी जान बचाने के लिए भाग निकला। सिंध से होते हुए हुमायूं अफगानिस्तान पहुंचा। यहां उसने दोबारा अपनी सेना बनाई। उधर 1554 में इस्लाम शाह को हराकर सिकंदर शाह सूरी ने दिल्ली की गद्दी पर कब्जा कर लिया था। मौका देखकर हुमायूं ने दिल्ली पर चढ़ाई कर दी और दोबारा गद्दी हथिया ली। मुगल ताकतवर थे, पर दोनों तरफ से दुश्मनों से घिरे थे। पूर्व में बिहार और पश्चिम में गुजरात पर अफगानों का कब्जा था। हुमायूं के बाद अकबर आया, उसके बाद उसका पुत्र जहांगीर, उसके बाद शाहजहां और फिर औरंगजेब। अंतिम मुगल शासक बहादुर शाह जफर थे। सभी ने अपने अपने हिसाब से शासन किया।
इतिहास में मुगल बादशाहों में जो शोहरत अकबर ने कमाई वो किसी दूसरे मुगल शासक ने नहीं कमाई। मध्यकालीन भारत का एक दिलचस्प तथ्य यह है कि मुगल बादशाहों और राजपूतों ने मिलकर काम किया। कोई किसी से नहीं हारा। अकबर ने मुगल शक्ति का भारतीय उपमहाद्वीप के अधिकांश हिस्सों में विस्तार किया। उसने हिंदू-मुस्लिम संप्रदायों के बीच की दूरियां कम करने के लिए दीन-ए-इलाही नामक धर्म की स्थापना की। मुगलों में सबसे कट्टर शासक औरंगजेब को माना जाता है।