पायल कपाड़िया की फीचर फिल्म 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' ने 77वें कान फिल्म महोत्सव में इतिहास रच दिया। भारतीय फिल्म ने ग्रांड प्रिक्स अवॉर्ड अपने नाम किया। अब इस फिल्म को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' अब म्यूनिख अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2024 में प्रदर्शित होगी। इसे बर्लिन फिल्म फेस्टिवल के बाद जर्मनी में दूसरा सबसे बड़ा फिल्म फेस्टिवल माना जाता है।
'ऑल वी इमेजिन एज लाइट', म्यूनिख अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2024 में सिनेमास्टर्स प्रतियोगिता के लिए 14-फिल्म लाइनअप का हिस्सा है, जो समारोह का मुख्य भाग है। महोत्सव में 'काइंड्स ऑफ काइंडनेस', '100 यार्ड्स', 'कॉट बाय द टाइड्स', 'वुमन ऑफ...', 'मेमोरी' और 'सब्सटेंस' फिल्म का भी प्रदर्शन होगा। 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' की बात करें तो यह पायल कपाड़िया के निर्देशन में बनी पहली फीचर फिल्म है। फिल्म में कानी कुसरुति, दिव्य प्रभा, छाया कदम और हृदय हारून जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में हैं।
'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' 30 वर्षों में कान फिल्म महोत्सव के मुख्य खंड में प्रदर्शित होने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी। प्रतियोगिता अनुभाग में जगह बनाने वाली आखिरी भारतीय फिल्म 1994 में शाजी एन करुण की 'स्वाहम' थी। वहीं, फिल्म महोत्सव में योर्गोस लैंथिमोस द्वारा निर्देशित 'काइंड्स ऑफ काइंडनेस' के लिए जेसी पेलेमन्स ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की ट्रॉफी जीती थी।
Maharaj: गुजरात हाईकोर्ट ने 'महाराज' की ओटीटी रिलीज पर एक दिन और बढ़ाई रोक, दोनों पक्षों के बीच बहस पूरी
'ऑल वी इमेजिन एज लाइटट फ्रांस की पेटिट कैओस और भारत की चॉक एंड चीज फिल्म्स के बीच एक इंडो-फ्रेंच सह-उत्पादन है। वहीं, इसकी कहानी की बात करें तो, यह केरल की दो नर्सों की कहानी है। कहानी के केंद्र में नर्स प्रभा हैं, जिसका किरदार कनी कुसरुति ने निभाया है। उनकी दुनिया तब अस्त-व्यस्त हो जाती है जब उन्हें अपने अलग हो चुके पति से एक अप्रत्याशित उपहार मिलता है, जिससे उनकी लंबे समय से दबी भावनाएं फिर से जाग उठती हैं। जैसे ही प्रभा अपने अतीत की जटिलताओं से जूझती है, उसकी छोटी रूममेट अनु नए प्यार की यात्रा पर निकलती है, जिसे मुंबई की अराजक सड़कों की पृष्ठभूमि में खूबसूरती से चित्रित किया गया है। फिल्म इन दो विपरीत कथाओं को कुशलतापूर्वक एक साथ जोड़ता है, और इसके पात्रों की कच्ची भावनाओं और संघर्षों की झलक पेश करता है।