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Aashiq Abu: आशिक अबू को नागवार जस्टिस हेमा समिति रिपोर्ट पर एफईएफकेए की चुप्पी, निर्देशक संघ से दिया इस्तीफा

Sat, 31 Aug 2024 09:06 PM IST
रुपाली रामा जायसवाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Aashiq Abu: मलयालम निर्देशक आशिक अबू ने 30 अगस्त को फिल्म एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ केरल (एफईएफकेए) डायरेक्टर्स यूनियन से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस्तीफा पत्र में इसके पीछे की वजह का खुलासा किया है। 
 
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आशिक अबू - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मलयालम निर्देशक आशिक अबू ने 30 अगस्त को फिल्म एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ केरल (एफईएफकेए) डायरेक्टर्स यूनियन से इस्तीफा दे दिया। कुछ दिन पहले, उन्होंने हेमा समिति की रिपोर्ट पर यूनियन की प्रतिक्रिया की आलोचना की और एसोसिएशन के महासचिव बी उन्नीकृष्णन को 'पाखंडी' कहा। अब उन्होंने संगठन के नेतृत्व और हेमा समिति की रिपोर्ट को लेकर मतभेदों के चलते पद छोड़ने का फैसला किया है।

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आशिक अबू का बड़ा दावा 

आशिक अबू के इस्तीफे पत्र में लिखा है, 'मैं 2009 में एफईएफकेए का सदस्य बन गया और बाद में इसकी कार्यकारी समिति के लिए चुना गया। मेरी ओर से कई प्रयासों के बावजूद, जब मुझे निर्माता के साथ मौद्रिक मुद्दों का सामना करना पड़ा तो महासंघ ने हस्तक्षेप नहीं किया। मुझे निर्माता से दावा की गई राशि का केवल आधा हिस्सा मिला। इसमें भी एसोसिएशन ने कमीशन के रूप में राशि का 20 प्रतिशत मांगा। मुझे एक दिन एफईएफकेए कार्यालय से राशि की मांग करते हुए तीन फोन कॉल आए।'

एसोसिएशन की खोली पोलपट्टी

उन्होंने कहा, 'मुझे यह बेहद अन्यायपूर्ण लगा और इस बारे में निर्देशक सिबी मलयिल के साथ मेरी मौखिक बहस हुई। उनकी दृढ़ता के कारण आखिरकार मैंने उन्हें 10 लाख रुपये का चेक जमा कर दिया। उन्होंने चेक वापस कर दिया, शायद उन्हें डर था कि इससे और समस्याएं पैदा होंगी। हालांकि, मुझे बाद में पता चला कि दो पटकथा लेखकों को भी फेडरेशन को कमीशन देने के लिए मजबूर किया गया था।'

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संघ की प्रतिक्रिया से हैं नाराज

पत्र में उन्होंने महसूस किया कि हेमा समिति की रिपोर्ट पर संघ की प्रतिक्रिया ने एक सदस्य के रूप में उन्हें निराश किया है। इससे पहले आशिक अबू ने एसोसिएशन नेता बी उन्नीकृष्णन के नेतृत्व की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था, 'मुझे एफईएफकेए से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन बी उन्नीकृष्णन के नेतृत्व में एसोसिएशन को जिस तरह से चलाया जा रहा है, उससे मैं पूरी तरह असहमत हूं। सरकार को उनके पाखंडी रुख को पहचानना चाहिए और उन्हें नीति पैनल से हटा देना चाहिए।'

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संघ ने की थी रिपोर्ट की मांग

एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ केरल (एफईएफकेए) ने पहले मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में दुर्व्यवहार करने वालों के नाम जारी करने की मांग की थी। संघ ने हेमा आयोग की रिपोर्ट की सराहना की और कहा कि यदि उनके सदस्यों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई तो वे आवश्यक कार्रवाई भी करेंगे।

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