सुपरहिट फिल्म रही 'कुछ कुछ होता है' को एक ऐसे व्यक्ति ने घटिया कहा है जिसका इस फिल्म से गहरा वास्ता है।
करण जौहर की बतौर निर्देशक पहली फ़िल्म 'कुछ कुछ होता है' सुपरहिट रही और इसने रातों रात करण को सुपरहिट निर्देशक के तौर पर स्थापित कर दिया।
लेकिन फ़िल्म की रिलीज़ के 15 साल बाद करण, मानते हैं कि फ़िल्म की कहानी बेहूदा थी। इरफ़ान की फ़िल्म 'लंचबॉक्स' से करण जौहर जुड़े हैं और इसी फ़िल्म के प्रमोशन पर उन्होंने मीडिया से ये बात कही।
करण कहते हैं, "हर फ़िल्म एक नई ग़लती होती है। अब मैं 'कुछ-कुछ होता है' देखता हूं तो मुझे इसकी कहानी मूर्खतापूर्ण लगती है।
'कभी ख़ुशी कभी ग़म' देखता हूं तो लगता है फ़िल्म 35 मिनट लंबी थी। 'स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर' में और ज़्यादा इमोशन होने चाहिए थे। इसलिए हर फ़िल्म आपको कुछ ना कुछ सिखाती है।"
वैसे 'लंच-बॉक्स' की बात करें तो फ़िल्म के मुख्य कलाकार इरफ़ान हैं और इसे भारत में रिलीज़ कराने में करण जौहर का धर्मा प्रोडक्शन सहयोग कर रहा है। करण ने कहा कि अब वह नई तरह की फिल्मों से जुड़ना चाहते हैं।