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राजद्रोह मामला: आयशा सुल्ताना के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाने से कोर्ट का इनकार

Fri, 02 Jul 2021 06:56 PM IST
शुभांगी गुप्ता एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

  • हाल ही में केरल उच्च न्यायालय ने आयशा सुल्ताना राजद्रोह मामले में एक फैसला सुनाया है।
  • कोर्ट ने कहा कि आयशा के खिलाफ चल रही कार्यवाही पर रोग नहीं लगाई जाएगी।
  • साथ ही प्रशासन को दो हफ्ते के अंदर ही जांच की प्रगति की जानकारी देने के भी निर्देश दिए हैं।
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आयशा सुल्ताना - फोटो : Instagram
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विस्तार
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फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना के खिलाफ चल रहे राजद्रोह मामले पर केरल उच्च न्यायालय ने एक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि आयशा के खिलाफ चल रही कार्यवाही पर रोक नहीं लगनी चाहिए। इसके साथ ही कोर्ट ने प्रशासन को दो हफ्ते के अंदर ही जांच की प्रगति की जानकारी देने का निर्देश भी दिया है। बता दें, पिछले हफ्ते ही कोर्ट ने आयशा को अग्रिम जमानत देने का फैसला किया था लेकिन अब इस मामले में एक नई कड़ी जुड़ती नजर आ रही है।

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क्या था मामला?
कई दिनों पहले एक टीवी चैनल डिबेट के दौरान आयशा सुल्ताना ने कहा था कि लक्षद्वीप में अभी तक कोरोना का एक भी केस नहीं था, लेकिन अब हर रोज 100 मामले सामने आ रहे हैं। मैं स्पष्ट तौर पर कह सकती हूं कि केंद्र सरकार ने बायो वेपन के तौर पर प्रशासक प्रफुल्ल पटेल की तैनाती की है। वह यहां पर अलोकतांत्रिक, जनविरोधी नीतियों को लागू कर रहे हैं, जिससे कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आयशा सुल्ताना के बयान के बाद भाजपा ने इसकी कड़ी आलोचना की थी और उनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करवा दिया था। वहीं केंद्रशासित प्रदेश की भाजपा इकाई के कई नेता इस कार्रवाई पर नाराजगी जता चुके हैं। यहां तक कि एक दर्जन से ज्यादा नेताओं ने पार्टी भी छोड़ दी थी।

भाजपा की लक्षद्वीप इकाई के अध्यक्ष अब्दुल खादर ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अब्दुल खादर का आरोप है कि उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में कोविड-19 के प्रसार के बारे में झूठी खबर फैलाई थी। साथ ही यह भी कहा कि यह सुल्ताना का राष्ट्रविरोधी कृत्य था, जिसने केंद्र सरकार की 'देशभक्ति की छवि' को धूमिल किया। साथ ही उन्होंने इसके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। बता दें कि इससे पहले भाजपा ने फिल्म निर्माता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए द्वीप में विरोध प्रदर्शन किया था।

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