फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुंबई: बयान दर्ज कराने पुलिस स्टेशन पहुंचीं कंगना रणौत, सिख समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का है मामला

Thu, 23 Dec 2021 12:29 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

कंगना रणौत अपना बयान दर्ज कराने मुंबई के खार पुलिस स्टेशन पहुंचीं हैं।
उनपर सिख समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने का आरोप है।
पिछली सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें 22 दिसंबर को मुंबई पुलिस के सामने पेश होने का आदेश दिया था। 
विज्ञापन
कंगना रणौत - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सिख समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देकर फंसीं कंगना रणौत अपना बयान दर्ज कराने मुंबई के खार पुलिस स्टेशन पहुंचीं हैं। कंगना को 22 दिसंबर को खार पुलिस स्टेशन में अपना बयान दर्ज कराने के लिए पहुंचना था, लेकिन अभिनेत्री शूटिंग के सिलसिले में मुंबई से बाहर थीं इसलिए उन्होंने पुलिस से छूट की मांग करते हुए नई तारीख मांगी थी, लेकिन पुलिस ने उनकी अपील का कोई जवाब नहीं दिया था, जिसके बाद कंगना अपना बयान दर्ज करवाने के लिए खार पुलिस स्टेशन पहुंचीं हैं।

विज्ञापन


कोर्ट ने दिया था आदेश
पिछली सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें 22 दिसंबर को मुंबई पुलिस के सामने पेश होने का आदेश दिया था। दरअसल अभिनेत्री ने सरकार की ओर से कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था कि, 'खालिस्तानी आतंकवादियों ने भले ही आज सरकार की बांह मरोड़ दी हो लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि एक महिला प्रधानमंत्री ने इन्हें कुचल दिया था। चाहे इसकी वजह से देश को कितना भी कष्ट क्यों न हुआ हो।'


 

विज्ञापन

कंगना रणौत - फोटो : instagram/kanganaranaut
नवंबर में दर्ज हुई थी एफआईआर
बता दें, 23 नवंबर को कंगना के खिलाफ मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज की गई थी। कंगना के खिलाफ आईपीसी की धारा 295ए के तहत मामला दर्ज किया गया है और इसकी जांच जारी है।तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद सिख समुदाय के खिलाफ एक आपत्तिजनक टिप्पणी लिखने के चलते कंगना का देशभर में कड़ा विरोध हुआ था। लोगों का कहना था कि कंगना नफरत की फैक्ट्री बन चुकी हैं। हम इंस्टाग्राम पर ऐसे नफरत भरे पोस्ट करने के लिए सरकार से सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग करते हैं कंगना की सिक्योरिटी और पद्मश्री को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें