फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Arun Govil: रामभद्राचार्य जी से मिलने पहुंचे अरुण गोविल, टीवी के राम को देख फूट-फूटकर रोए जगद्गुरु

Thu, 05 Jan 2023 06:43 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

वीडियो में रामभद्राचार्य जी एक्टर को अपने सीने से चिपकाते नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अरुण गोविल जगद्गुरु रामभद्राचार्य के एक सत्संग में पहुंचे थे।
विज्ञापन
अरुण गोविल-जगद्गुरु रामभद्राचार्य - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अभिनेता अरुण गोविल ने टीवी शो 'रामायण' में भगवान राम की भूमिका अदा की थी। इस किरदार को उन्होंने इतने शानदार तरीके से अदा किया कि लोग उनमें ही प्रभु श्रीराम की छवि देखने लगे। आज भी अरुण गोविल कहीं जाते हैं तो अक्सर फैंस उनके पैर छूने को दौड़ पड़ते हैं। अरुण गोविल से मुलाकात कर कुछ लोग यूं समझते हैं मानों उन्हें भगवान के दर्शन प्राप्त हो गए! समय-समय पर इसकी वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर आती रहती हैं। इस वक्त सोशल मीडिया पर अरुण गोविल की एक वीडियो खूब तेजी से वायरल हो रही है। इसमें एक्टर स्वामी जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी से मुलाकात करते नजर आ रहे हैं। अरुण गोविल को देख रामभद्राचार्य जी की रुलाई छूट गई है। यह वीडियो भावुक कर देने वाला है।

विज्ञापन

Paresh Rawal: बंगालियों पर की गई टिप्पणी पर परेश रावल ने दी सफाई? बोले- 'जुबान फिसल गई थी'

वीडियो में रामभद्राचार्य जी एक्टर को अपने सीने से चिपकाते नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अरुण गोविल, जगद्गुरु रामभद्राचार्य के एक सत्संग में पहुंचे थे। वहां पहुंचकर अरुण गोविल ने जैसे ही रामभद्राचार्य जी के पैर छूए, तभी रामभद्राचार्य ने उन्हें अपने सीने से लगा लिया। कुछ सेकेंड्स के लिए उन्होंने अरुण गोविल को गले से लगाए रखा और इस दौरान वह भावुक होकर रोने लगे। कुछ पल का यह नजारा ऐसा था मानो भक्त को वास्तव में भगवान के दर्शन हो गए हों। अरुण गोविल से मिलने के बाद जगद्गुरु ने खुशी जताई। उन्होंने एक्टर की तारीफ में कहा- 'तुम अभिनय करते थे। इन बंद आंखों से मुझे राम जी का स्वरुप दिखता था।' इसके जवाब में अरुण गोविल ने कहा, 'बस आपकी कृपा है।'
विज्ञापन


जगद्गुरु रामभद्राचार्य का कहना है, 'भले और लोगों ने अरुण को अरुण देखा हो, मगर जब ये अभिनय करते थे इनमें राम का आवेश होता था। इनको भी लगा होगा जब तक भारत में रामत्व नहीं होगा, तब तक भारत के कल्याण की कल्पना नहीं की जा सकती। मेरे जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य रहा है राघव। जन्म लेने के बाद आंखों को विदा किया, 5 साल की अवस्था में मैंने पूरी गीता कंठस्थ की, सात साल की उम्र में पूरे राम चरित्र मानस को कंठस्थ किया। मुझे बस धर्म काम और कौशल्या कुमार राम चाहिए।' 
विज्ञापन

Yamini Singh: पवन सिंह पर लगाए कॉम्प्रोमाइज के आरोपों से पलटीं यामिनी सिंह, कहा- गलत तरीके से...

मुलाकात के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अरुण गोविल को राम का परिसंवाद सुनाने को कहा। एक्टर ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य की इस बात को तुरंत माना और राम का परिसंवाद सुनाया। बता दें कि अरुण गोविल को आज भी तमाम लोग भगवान की तरह पूजते हैं। कुछ दिनों पहले एक महिला ने एयरपोर्ट पर अरुण गोविल को देखा तो रोने लगी और उनके पैर छूए।
Negative Role: किसी को मारा धक्का तो किसी को किया बेइज्जत, विलेन के रोल के कारण नफरत का शिकार हुए ये सितारे
 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें